अमेरिका ईरान तनाव के चलते सोने चांदी में 2% की गिरावट, डॉलर इंडेक्स मजबूत
अमेरिका-ईरान तनाव के चलते सोने-चांदी में 2% की गिरावट, डॉलर इंडेक्स मजबूत
NewsPoint•
मुंबई, 13 जुलाई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई। दोनों कीमती धातुओं के दाम करीब 2 प्रतिशत तक गिर गए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर, 5 अगस्त 2026 के सोने के कॉन्ट्रैक्ट में पिछली क्लोजिंग 1,43,478 रुपये प्रति 10 ग्राम की तुलना में 845 रुपये या 0.58 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,42,633 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार खुला। सुबह 9:48 बजे तक, यह 1,414 रुपये या 0.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,42,064 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। अब तक के कारोबार में सोने ने 1,41,557 रुपये प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर और 1,43,478 रुपये प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ।
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखी गई। 4 सितंबर, 2026 के चांदी के कॉन्ट्रैक्ट ने पिछली क्लोजिंग 2,22,664 रुपये प्रति किलो के मुकाबले 4,016 रुपये या 1.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,18,648 रुपये प्रति किलो पर कारोबार शुरू किया। खबर लिखे जाने तक, यह 4,188 रुपये या 1.88 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,18,476 रुपये प्रति किलो पर था। चांदी ने अब तक के कारोबार में 2,17,277 रुपये प्रति किलो का न्यूनतम स्तर और 2,22,664 रुपये प्रति किलो का उच्चतम स्तर दर्ज किया।अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी का रुख देखा जा रहा है। कॉमेक्स पर सोना 1.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,061 डॉलर प्रति औंस और चांदी 58 प्रतिशत की गिरावट के साथ 58 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी में यह बिकवाली अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने का नतीजा है। डॉलर इंडेक्स 100.90 पर पहुंच गया है। डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी डॉलर की दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं - यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक - के मुकाबले उसकी स्थिति को दर्शाता है।
मध्य पूर्व क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। यह तनाव कमर्शियल जहाजों पर हमलों के जवाब में अमेरिकी सेना द्वारा ईरान पर की गई ताजा स्ट्राइक के बाद बढ़ा है। वहीं, इन हमलों के बाद ईरान भी आक्रामक रुख अपनाए हुए है और कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है।
जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं। लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अमेरिकी डॉलर को मजबूत किया है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य देशों की मुद्राओं के मुकाबले डॉलर का मूल्य बढ़ जाता है। इससे सोने जैसी कीमती धातुओं का आयात महंगा हो जाता है, जिससे उनकी मांग कम हो जाती है और कीमतें गिर जाती हैं।
सोने और चांदी की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। उन्हें अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, क्योंकि ये घटनाएं सीधे तौर पर उनके निवेश पर असर डाल सकती हैं। इस तरह के तनावपूर्ण माहौल में, निवेशक अक्सर अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए सतर्क हो जाते हैं, जिससे कीमती धातुओं की मांग में कमी आ सकती है।
यह स्थिति दर्शाती है कि वैश्विक घटनाएं किस तरह से वित्तीय बाजारों को प्रभावित करती हैं। अमेरिका और ईरान के बीच का यह संघर्ष सिर्फ दो देशों के बीच का मामला नहीं है, बल्कि इसका असर दुनिया भर के बाजारों पर पड़ रहा है, खासकर सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर। निवेशकों को इस अनिश्चितता के दौर में सोच-समझकर फैसले लेने की सलाह दी जाती है।