बांग्लादेश में बाढ़ से 51 की मौत, 10 लाख से अधिक लोग प्रभावित, राहत कार्य जारी

NewsPoint
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ढाका, 12 जुलाई: बांग्लादेश में बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 51 लोगों की जान जा चुकी है और 39 लोग घायल हुए हैं। आपदा प्रबंधन और राहत मंत्रालय के अनुसार, रविवार को जारी की गई रिपोर्ट में बताया गया है कि बाढ़ से देश भर में 10 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं और करीब 2.67 लाख परिवार पानी में फंसे हुए हैं। राहत और बचाव कार्य तेज़ी से चल रहा है, जिसमें 44 हजार से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित शिविरों में पहुंचाया गया है।

सबसे ज़्यादा असर कॉक्स बाजार जिले में हुआ है, जहाँ 28 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा चटगांव में 13, बंदरबन में 6, रंगामाटी में 3 और मौलवीबाजार में 1 व्यक्ति की जान गई है। बाढ़ ने 58 उपज़िलों, 386 यूनियनों और 12 नगरपालिकाओं को अपनी चपेट में ले लिया है। प्रभावित लोगों के लिए पूरे देश में 1,131 राहत शिविर खोले गए हैं।
बांग्लादेश की Prime Minister तारिक रहमान ने रविवार को सभी संबंधित विभागों और ज़मीनी स्तर के अधिकारियों को पूरी तरह से सतर्क रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि भारी बारिश से हुए जलभराव की स्थिति में लोगों की जान और उनकी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही, राहत सामग्री और स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी देरी के लोगों तक पहुंचाई जानी चाहिए।

यह निर्देश Prime Minister ने देश के सभी आठ डिवीजनों के डिवीजनल कमिश्नरों, Police के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी), डिप्टी कमिश्नरों (डीसी), Police अधीक्षकों (एसपी), सिविल सर्जनों और अन्य अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल बैठक के दौरान दिया। इस बैठक में अधिकारियों ने अपने-अपने इलाकों में जलभराव की स्थिति, हुए नुकसान, राहत शिविरों की हालत, बचाव अभियान, राहत वितरण और स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में Prime Minister को जानकारी दी।

Prime Minister ने इस आपात स्थिति में लोगों की जान और उनकी संपत्ति की रक्षा को प्रशासन की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सूखा राशन, साफ पीने का पानी, बच्चों का खाना, ज़रूरी दवाइयां और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए Police और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी पूरी तरह सतर्क रहने को कहा।

इसके साथ ही, Prime Minister ने यह भी निर्देश दिया कि इस आपात स्थिति का फायदा उठाकर चोरी, जमाखोरी, राहत सामग्री की हेराफेरी या किसी भी तरह के अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

The Business Standard की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में बाढ़ से अब तक 10,22,963 लोग प्रभावित हुए हैं और 2,67,918 परिवार अभी भी पानी में फंसे हुए हैं। राहत कार्य लगातार जारी है। अब तक 44,457 लोगों को सुरक्षित जगहों पर बनाए गए राहत शिविरों में रखा गया है। सबसे ज़्यादा प्रभावित जिलों में रंगामाटी, बंदरबन, हबीगंज, मौलवीबाजार, खगराछारी, कॉक्स बाजार और चटगांव शामिल हैं।

मंत्रालय के मुताबिक, बाढ़ का असर 58 उपज़िलों, 386 यूनियनों और 12 नगरपालिकाओं पर पड़ा है। प्रभावित लोगों के लिए पूरे देश में 1,131 राहत शिविर खोले गए हैं।

United News of Bangladesh (यूएनबी) की रिपोर्ट के मुताबिक, Prime Minister ने यह निर्देश देश के सभी आठ डिवीजनों के डिवीजनल कमिश्नरों, Police के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी), डिप्टी कमिश्नरों (डीसी), Police अधीक्षकों (एसपी), सिविल सर्जनों और अन्य अधिकारियों के साथ हुई एक वर्चुअल बैठक के दौरान दिए। बैठक में अधिकारियों ने अपने-अपने इलाकों में जलभराव की स्थिति, हुए नुकसान, राहत शिविरों की हालत, बचाव अभियान, राहत वितरण और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी Prime Minister को दी।

Prime Minister ने कहा कि इस आपात स्थिति में लोगों की जान और उनकी संपत्ति की रक्षा करना प्रशासन की सबसे बड़ी ज िम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सूखा राशन, साफ पीने का पानी, बच्चों का खाना, जरूरी दवाइयां और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए Police और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी पूरी तरह सतर्क रहने को कहा। साथ ही निर्देश दिया कि इस आपात स्थिति का फायदा उठाकर चोरी, जमाखोरी, राहत सामग्री की हेराफेरी या किसी भी तरह के अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

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