2027 यूपी चुनाव: सपा सांसद आनंद भदौरिया का टिकट पर बड़ा बयान, जानिए क्या कहा
2027 यूपी चुनाव: सपा सांसद आनंद भदौरिया का टिकट पर बड़ा बयान, जानिए क्या कहा
NewsPoint•
लखनऊ, 12 जुलाई। 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के एक सांसद की सोशल मीडिया पर की गई एक खास टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। धौरहरा सीट से सपा सांसद आनंद भदौरिया ने 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर टिकट चाहने वाले नेताओं को एक कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि वे किसी भी उम्मीदवार की सिफारिश नहीं करेंगे और न ही उनका कोई पसंदीदा है। जो भी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहता है, उसे सीधे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क करना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी की सिफारिश पर टिकट नहीं मिलेगा। पार्टी और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ही उम्मीदवारों के नाम तय करेंगे और अंतिम मुहर लगाएंगे।
भदौरिया ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी उम्मीदवार के लिए उनकी कोई व्यक्तिगत पसंद या प्राथमिकता नहीं है। उन्होंने वादा किया कि उनकी लोकसभा सीट, धौरहरा, के अंतर्गत आने वाली पांचों विधानसभा सीटों से पार्टी जिसे भी उम्मीदवार बनाएगी, उसकी जीत सुनिश्चित करने के लिए वे पूरी ईमानदारी से काम करेंगे। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "मेरी जिम्मेदारी मेरी Lok Sabha सीट, धौरहरा के अंतर्गत आने वाली पांच विधानसभा सीटों के प्रति है। मैं उनकी जीत के लिए ईमानदारी से प्रयास करूंगा (क्योंकि मैं कभी भी पार्टी के खिलाफ नहीं जा सकता)। इसके अलावा, मैं इन पांच सीटों पर किसी की सिफारिश नहीं कर रहा हूं और न ही मेरा कोई पसंदीदा उम्मीदवार है। पार्टी जिसे भी टिकट देगी, वही मेरा उम्मीदवार होगा।"सांसद भदौरिया ने टिकट के दावेदारों को एक सलाह भी दी। उन्होंने कहा, "आप सभी को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने अपनी बात रखनी चाहिए। वैसे भी, जब आपको अपनी सुविधा के अनुसार मुझसे मदद की उम्मीद होती है तो आपको मुझमें गुणों का भंडार दिखता है, और जब निराशा होती है तो आपको मुझमें दुनिया की सबसे बड़ी कमियां नजर आती हैं, क्योंकि आप निजी तौर पर तो हमारी तारीफ करते हैं, लेकिन पीठ पीछे… भगवान ही मालिक है।"
यह बयान ऐसे समय में आया है जब विधानसभा चुनावों से कई महीने पहले ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पार्टियां अभी से मतदाताओं को लुभाने की कोशिशें कर रही हैं। सपा सांसद की इस टिप्पणी को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। इसका मकसद पार्टी कार्यकर्ताओं को आने वाले अहम मुकाबले के लिए तैयार करना और नेतृत्व के प्रति अनुशासन व प्रतिबद्धता की भावना पैदा करना है।
भदौरिया का यह बयान पार्टी के भीतर टिकट बंटवारे को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश है। उन्होंने साफ कर दिया है कि टिकट का फैसला पूरी तरह से पार्टी नेतृत्व के हाथ में है। किसी भी सांसद या नेता का व्यक्तिगत प्रभाव टिकट दिलाने में काम नहीं आएगा। यह संदेश उन नेताओं के लिए है जो टिकट पाने के लिए नेताओं की सिफारिशें ढूंढ रहे हैं।
उन्होंने यह भी इशारा किया कि कुछ लोग निजी तौर पर तो उनकी तारीफ करते हैं, लेकिन पीठ पीछे उनकी बुराई भी करते हैं। यह बात उन्होंने टिकट के दावेदारों को संबोधित करते हुए कही। इससे यह भी पता चलता है कि पार्टी के भीतर गुटबाजी और आपसी खींचतान भी चल रही है। भदौरिया ने इस बात पर जोर दिया कि वे पार्टी के प्रति वफादार हैं और पार्टी का फैसला ही अंतिम होगा।
उनकी यह टिप्पणी पार्टी के कार्यकर्ताओं को यह भी सिखाती है कि उन्हें सीधे पार्टी प्रमुख से संपर्क करना चाहिए। यह पार्टी में पारदर्शिता लाने और सभी को समान अवसर देने की दिशा में एक कदम हो सकता है। भदौरिया ने अपनी जिम्मेदारी को भी स्पष्ट किया है कि वे अपनी लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली विधानसभा सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार की जीत के लिए पूरी मेहनत करेंगे।
कुल मिलाकर, आनंद भदौरिया का यह बयान 2027 के चुनावों के लिए सपा की रणनीति का एक अहम हिस्सा लगता है। यह पार्टी में अनुशासन बनाए रखने और नेतृत्व के प्रति निष्ठा को मजबूत करने का एक प्रयास है। यह संदेश उन सभी लोगों के लिए है जो पार्टी में टिकट की उम्मीद कर रहे हैं।