लाल किला कार ब्लास्ट: NIA की चार्जशीट में AI के इस्तेमाल का खुलासा, सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चिंता

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दिल्ली के रेड फोर्ट कार ब्लास्ट मामले में NIA की चार्जशीट से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आतंकियों ने हमले की योजना बनाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया। डिजिटल टूल्स से सुरक्षा व्यवस्था का विश्लेषण किया गया। यह पहली बार है जब किसी बड़े आतंकी मामले में AI के उपयोग के संकेत मिले हैं।

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दिल्ली के लाल किले में हुए कार ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसी NIA ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। NIA की चार्जशीट के मुताबिक, आतंकियों ने हमले की साजिश रचने, सुरक्षा का जायजा लेने और रूट मैप बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया। यह पहली बार है जब किसी बड़े आतंकी मामले में AI के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। आतंकी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए संपर्क में थे, जिससे उनकी गतिविधियों पर नजर रखना मुश्किल हो गया था। NIA का मानना है कि यह हमला एक बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा था जो सुरक्षा को चकमा देने के लिए नई तकनीकों का सहारा ले रहा है।

NIA ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट की साजिश में आतंकियों ने AI का इस्तेमाल किया। उन्होंने हमले की योजना बनाने, सुरक्षा व्यवस्था का पता लगाने और जाने के रास्ते (रूट मैप) तैयार करने के लिए डिजिटल साधनों का सहारा लिया। यह पहली बार है जब किसी बड़े आतंकी मामले में AI जैसी तकनीक के इस्तेमाल का पता चला है। इससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक नई चुनौती खड़ी हो गई है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, आतंकी समूह ने एक-दूसरे से बात करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल किया। वे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का भी उपयोग कर रहे थे। इन ऐप्स में भेजे गए संदेशों को कोई और नहीं पढ़ सकता, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए उनकी गतिविधियों पर नजर रखना और भी मुश्किल हो गया था।

NIA का कहना है कि यह हमला सिर्फ एक छोटी घटना नहीं थी। इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। यह नेटवर्क अलग-अलग तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल करके सुरक्षा एजेंसियों को धोखा देने की कोशिश कर रहा था। एजेंसी अब इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आतंकी सचमुच AI जैसी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह भविष्य के लिए एक गंभीर चेतावनी है। इसका मतलब है कि आतंकवाद अब सिर्फ पुराने तरीकों तक सीमित नहीं है। यह तकनीक के साथ-साथ तेजी से बदल रहा है।

इस खुलासे के बाद, सुरक्षा एजेंसियों ने देशभर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी है। संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए साइबर सेल को भी अलर्ट कर दिया गया है। यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि ऐसी तकनीक का इस्तेमाल करके कोई और हमला न हो सके।