भारतीय पहलवान सुजीत कलकल ने ओलंपिक चैंपियन को हराकर एशियन चैंपियनशिप फाइनल में जगह बनाई
भारतीय पहलवान सुजीत कलकल ने ओलंपिक चैंपियन को हराकर एशियन चैंपियनशिप फाइनल में जगह बनाई
NewsPoint•
नागोया में, 2 अक्टूबर को फ्रीस्टाइल पहलवान सुजीत कलकल ने जापान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियूका को हराकर पुरुषों के 65 किग्रा फाइनल में अपनी जगह बनाई। सुजीत की यह जीत एशियन चैंपियनशिप में उनके करियर की सबसे बड़ी जीत है। सुजीत ने सेमीफाइनल में 0-2 से पीछे होने के बावजूद जोरदार वापसी की और मुकाबला 3-3 से जीतने में सफल रहे। अब, फाइनल में उनका मुकाबला ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुडीव से होगा।
सुजीत ने इस प्रतियोगिता की शुरुआत अफगानिस्तान के सैयद उमर जजई के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल में 13-3 की तकनीकी श्रेष्ठता से जीतकर की थी। जजई ने शुरू में पॉइंट्स बनाकर सुजीत पर दबाव डाला, लेकिन सुजीत ने खुद को संभालते हुए बढ़त बनाई। उन्होंने शानदार मूव्स जैसे स्टेप-आउट, एक फोर-पॉइंटर, और एक्सपोजर पॉइंट का सही उपयोग किया। इस तरह, सुजीत ने कुशलता से क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल में, सुजीत ने अब्बास इब्राहिमजादेह को 10-0 से हराया। उन्होंने यहाँ भी अपने आर्म थ्रो और स्कोरिंग मूव्स का शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद, सेमीफाइनल में सुजीत का सामना जापानी चैंपियन कोटारो कियूका से हुआ। कोटारो ने तेज़ गति से अंकों की बढ़त में 2-0 किया, लेकिन सुजीत ने अपनी तेज़ी से फिर से वापसी कर 4-2 की बढ़त बनाई। हालांकि, कियूका ने मुकाबला बराबर किया लेकिन सुजीत को अधिक स्कोरिंग मूव्स के कारण फाइनल में आगे बढ़ने का मौका मिला।
दूसरी तरफ, पुरुषों के 125 किग्रा फ्रीस्टाइल में रूहाल को पहले राउंड में कजाकिस्तान के अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियन येदिगे कासिमबेक से 3-8 से हार का सामना करना पड़ा। यहां भारत की महिला कुश्ती में बदलाव आया। प्रिया मलिक और दीपांशी, दोनों ही अपने पहले मुकाबलों में हार गईं।
प्रिया ने 76 किग्रा में किर्गिस्तान की वर्ल्ड सिल्वर मेडलिस्ट ऐपेरी मेडेट काइजी के खिलाफ मुकाबला खेला। प्रिया ने दूसरे पीरियड में स्कोर 2-1 किया लेकिन अंत में मेडेट ने उन्हें पिन कर दिया। वहीं, ओलंपिक चैंपियन यूई सुसाकी ने अपने एशियन गेम्स के सफर की शानदार शुरुआत करते हुए दीपांशी को 11-0 से हराया।
सुसाकी की जीत ने दीपांशी को प्रेरित किया। दीपांशी अब कंबोडिया की समनांग डिट के खिलाफ रेपेचेज राउंड में टेक्निकल सुपीरियरिटी के साथ जीत दर्ज कर ब्रॉन्ज मेडल के लिए मुकाबला करेंगी। उन्होंने कज़ाकिस्तान की जीनेप बयानोवा के खिलाफ भी ब्रॉन्ज मेडल के लिए प्रतिस्पर्धा करना है।
इस प्रकार, सुजीत की शानदार जीत और महिलाओं की प्रतियोगिताओं में हुई दिक्कतों के बीच, भारतीय पहलवानों का यह एशियन चैंपियनशिप का सफर जारी है। सभी की नज़रें अब फाइनल में सुजीत की ओर हैं, जहां उनकी चुनौती अब्दुलमजीद कुडीव के खिलाफ होगी। हर किसी को उम्मीद है कि सुजीत इस बार गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करेंगे।