अमिताभ बच्चन ने कौन बनेगा करोड़पति में कोलकाता के पार्क स्ट्रीट की खूबसूरत यादें साझा की
अमिताभ बच्चन ने कौन बनेगा करोड़पति में कोलकाता के पार्क स्ट्रीट की खूबसूरत यादें साझा की
NewsPoint•
मुंबई, 2 अक्टूबर। महान अभिनेता अमिताभ बच्चन इस समय लोकप्रिय क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति-18’ को होस्ट कर रहे हैं। हाल ही में शो के दौरान, उन्होंने कोलकाता के प्रसिद्ध पार्क स्ट्रीट के बारे में अपनी यादें साझा कीं। इसमें उन्होंने कोलकाता के रेस्टोरेंट्स और वहाँ के लाइव म्यूजिक कल्चर की चर्चा की। अमिताभ बच्चन ने बताया कि कैसे पार्क स्ट्रीट हमेशा से शहर की नाइटलाइफ का एक अहम हिस्सा रहा है।
शो के एक कंटेस्टेंट, शौर्ज्य दास के साथ बातचीत करते हुए अमिताभ बच्चन ने कहा, “उस समय हम सभी के रात का एंटरटेनमेंट यही हुआ करता था। कोलकाता पार्क स्ट्रीट में सभी रे रेस्टोरेंट लाइन में लगे हुए होते थे। वह बहुत अद्भुत जगह है, विश्व भर में मैंने ऐसी जगह कहीं नहीं देखी थी कि एक ही सड़क पर, 5-6 रेस्टोरेंट एक साथ मिलेंगे और सब एक से एक अव्वल नंबर पर।” अमिताभ ने यहाँ के मशहूर रेस्टोरेंट्स में परफॉर्म करने वाले गायकों का भी जिक्र किया। उन्होंने उषा उत्थुप और लुईस बैंक्स का नाम लिया। अमिताभ ने यह भी कहा, “हम तो उनके सामने कुछ है ही नहीं और उनमें से कई ने तो हिंदी सिनेमा में आकर गायिकी में अपना योगदान भी दिया है, जिनमें उषा उत्थुप जी और लुईस बैंक्स रहे हैं।”
उषा उत्थुप का पार्क स्ट्रीट के साथ गहरा नाता है। 1969 में जब वह कोलकाता आईं, तो यहीं एक रेस्टोरेंट में अपने करियर की शुरुआत की। आप कह सकते हैं कि उन्होंने शहर के लाइव म्यूजिक कल्चर को पहचान दिलाई। उन्होंने अपने समय में साड़ी पहनकर गाना शुरू किया, जबकि नाइट क्लब में पश्चिमी संगीत का बोलबाला था।
उषा उत्थुप ने पारंपरिक भारतीय साड़ी, बिंदी और गजरा पहनकर मंच पर परफॉर्म किया। वह पश्चिमी और जैज संगीत गाती थीं, जो उस समय एक नया और अनूठा अनुभव था। एक बार दिल्ली के होटल में प्रस्तुति के दौरान देव आनंद और शशि कपूर ने उनकी आवाज की सराहना की थी। देव आनंद ने उन्हें फिल्म ‘हरे राम हरे कृष्णा’ (1971) और मर्चेंट आइवरी की ‘बॉम्बे टॉकीज’ में गाने का अवसर दिया। इससे उन्होंने भारतीय पॉप और पार्श्व गायन में प्रमुखता हासिल की।
इस तरह, पार्क स्ट्रीट कोलकाता का एक प्रतिष्ठित स्थान बन गया, जहाँ संगीत, नाइटलाइफ और अद्भुत भोजन का अद्वितीय संगम हुआ करता था। यह अमिताभ बच्चन और उषा उत्थुप जैसी हस्तियों की यादों से और भी जीवंत हो जाता है।