महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर विदेशी राजनयिकों ने श्रद्धांजलि अर्पित की

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नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर भारत में कई विदेशी राजनयिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। इन राजनयिकों ने गांधीजी के सिद्धांतों और उनके संदेशों को याद किया। इस अवसर पर नॉर्वे, जर्मनी, फ्रांस और यूक्रेन जैसे देशों के राजदूतों ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा किए।

नॉर्वे के राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने लिखा, "गांधी जयंती की शुभकामनाएं! साबरमती आश्रम की यात्रा मेरे लिए एक बहुत ही मार्मिक अनुभव था। सत्य, अहिंसा और शांति ऐसे मूल्य हैं, जिन्हें हम नॉर्वे में भी संजोते हैं। गांधीजी का संदेश हम सबको आज भी प्रेरणा देते हैं।" यह उनके व्यवहारिक दृष्टिकोण को दर्शाता है कि गांधीजी की शिक्षाएँ आज भी महत्वपूर्ण हैं।
जर्मनी के राजदूत जैस्पर विक ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "आज जब हम महात्मा गांधी का जन्मदिन मना रहे हैं, तो मुझे 2019 में साबरमती आश्रम की अपनी यात्रा की सुखद यादें ताजा हो आती हैं। गांधी जयंती हमें गांधीजी के अहिंसा और मानवीय गरिमा के प्रति सम्मान के संदेश की याद दिलाती है।" इसका मतलब यह है कि गांधीजी के विचार आज भी महत्वपूर्ण हैं और हमें इन्हें याद रखना चाहिए।

फ्रांस के दूतावास ने भी इस अवसर पर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, "नई दिल्ली में 'ग्यारह मूर्ति' से लेकर स्ट्रासबर्ग में उनकी प्रतिमा तक, गांधीजी का शांति और अहिंसा का संदेश सीमाओं के पार तक फैला हुआ है। फ्रांस उनकी याद को सम्मान देता है, चाहे वह स्मारक डाक टिकट के जरिए हो या फिर कांस्य की उनकी भव्य प्रतिमा के रूप में। गांधी जयंती पर हम एक ऐसी आवाज को नमन करते हैं, जो सचमुच सार्वभौमिक है।" यह इंगित करता है कि गांधीजी का संदेश केवल भारत में नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में मान्यता प्राप्त है।

यूक्रेन के दूतावास ने भी इस दिन को खास बताते हुए कहा, "गांधी जयंती के अवसर पर भारत में यूक्रेन का दूतावास भारत के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं देता है। महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और मानवीय गरिमा के शाश्वत सिद्धांत दुनिया भर की पीढ़ियों को प्रेरित करते रहें और न्याय, स्वतंत्रता तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान पर आधारित शांति के महत्व को और मजबूत करें।" यूक्रेन ने गांधीजी के सिद्धांतों की प्रासंगिकता को माना और उन्हें मान्यता दी।

वहीं, चीन में भारतीय दूतावास ने गांधी जयंती का आयोजन किया। दूतावास ने जिंताई आर्ट म्यूजियम में एक कार्यक्रम रखा। राजदूत विक्रम दोराईस्वामी और म्यूजियम के क्यूरेटर मास्टर युआन जिकुन ने गांधीजी को पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में चीनी कलाकारों ने संगीत प्रस्तुत किया और भारतीय समुदाय से लिए गांधीजी के पसंदीदा भजन गाए। इससे गांधीजी के संदेश को जीवंत किया गया।

इस विशेष अवसर पर हिंदी दिवस प्रतियोगिता 2026 के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। यह आयोजन हिंदी भाषा के प्रति रुझान बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया था, ताकि युवा पीढ़ी को अपनी भाषा के प्रति जागरूक किया जा सके।

इस प्रकार, महात्मा गांधी की जयंती पर न केवल भारत में, बल्कि दुनियाभर में उनके विचारों को याद किया गया और उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। गांधीजी का शांति और अहिंसा का संदेश आज भी लोगों को प्रेरित करता है।

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