पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 2028 तक 26.59 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री का लक्ष्य

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नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत, सरकार ने जून 2026 तक 26.59 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री की संभावना जताई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है। साथ ही, इसके जरिए चार्जिंग सुविधाओं का विकास और घरेलू विनिर्माण को मजबूत करना भी है। इस योजना के लिए 11,900 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है और इसे मार्च 2028 तक बढ़ा दिया गया है। यह योजना विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहनों और उनकी इन्फ्रास्ट्रक्चर को सहायता प्रदान करती है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 28.30 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसमें ई-बसों, चार्जिंग स्टेशनों और परीक्षण सुविधाओं के लिए भी समर्थन प्रदान किया जाएगा। यह सभी कदम स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस योजना के अंतर्गत 14,028 ई-बसों की तैनाती के लिए सरकार ने करीब 4,391 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। इनमें से अगस्त 2026 तक लगभग 14,000 ई-बसों का आवंटन किया जा चुका है।
इन ई-बसों में से 13,800 बसें भारत के सात बड़े शहरों—दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई, अहमदाबाद, पुणे और सूरत—को प्रदान की गई हैं। इसके साथ ही, सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों को भी प्राथमिकता दी है। इसके लिए करीब 2,000 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। 28 सितंबर 2026 तक तीन तेल विपणन कंपनियों और 10 राज्यों में 8,147 चार्जर लगाने के लिए 851 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है।

इसके अलावा, वाहन परीक्षण एजेंसियों के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए 780 करोड़ रुपए का फंड भी आवंटित किया गया है। योजना के अंतर्गत विभिन्न वाहन श्रेणियों का समर्थन किया जाएगा, जिसमें ई-2 व्हीलर (ई-2डब्ल्यू) और ई-3 व्हीलर (ई-3डब्ल्यू) जैसी श्रेणियां शामिल हैं। ई-2डब्ल्यू के लिए 2,500 रुपए प्रति किलोवाट-घंटा का प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 5,000 रुपए प्रति वाहन है। यह लाभ उन वाहनों पर लागू होता है जिनकी एक्स-फैक्ट्री कीमत 1.5 लाख रुपए तक है। इस उद्देश्य के लिए कुल 2,767 करोड़ रुपए का फंड आवंटित किया गया है।

सरकार की इस योजना का लक्ष्य 45.79 लाख से अधिक पंजीकृत ई-2डब्ल्यू को सहायता प्रदान करना है। वहीं, पंजीकृत ई-3डब्ल्यू (एल5) के लिए निर्धारित बिक्री लक्ष्य पूर्ण हो चुका है, जिसे 26 दिसंबर 2025 को बंद कर दिया जाएगा। दूसरी तरफ, ई-3डब्ल्यू (ई-रिक्शा और ई-कार्ट) के लिए समर्थन मार्च 2028 तक जारी रहेगा।

इन उपायों से देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में तेजी आई है। लक्षित नीतियों, वित्तीय प्रोत्साहनों और सहायक उपायों के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग में वृद्धि हो रही है। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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