बॉम्बे हाईकोर्ट में सचिन वाजे की जमानत पर रोक, अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को
बॉम्बे हाईकोर्ट में सचिन वाजे की जमानत पर रोक, अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को
NewsPoint•
मुंबई के ऊर्जावान एंटीलिया बम धमकी मामले में पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की जमानत को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में एक उलटफेर देखने को मिला है। विशेष एनआईए अदालत ने 29 सितंबर को वाजे को जमानत दी थी, लेकिन राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस आदेश को चुनौती दी। इस मामले में लगातार दो बेंचों ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसके बाद मामला मुख्य न्यायाधीश के पास पहुंचा। अंततः तीसरी बेंच ने जमानत के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। अब वाजे की रिहाई टल गई है, और आगामी सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।
इस मामले की शुरुआत 25 फरवरी 2021 को हुई। उस दिन दक्ष िण मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के पास एक SUV मिली। उस वाहन में विस्फोटक भरी थी, जिसमें जिलेटिन की छड़ें और एक धमकी भरा पत्र भी था। इसके बाद कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या का मामला भी सामने आया, जो इस जांच से जुड़ गया। सचिन वाजे को मार्च 2021 में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह हिरासत में हैं।29 सितंबर को विशेष NIA अदालत ने सचिन वाजे को जमानत दी थी। अदालत ने कहा था कि अभियोजन पक्ष UAPA (अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट) के तहत आतंकवाद का मामला साबित करने में असफल रहा है। अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि क्या एंटीलिया के पास विस्फोटक भरी SUV खड़ी करने से अंबानी परिवार को डराने का कोई ठोस आधार है। NIA ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। एजेंसी का कहना था कि यह निर्णय तथ्यों और कानून की सही जांच के बिना लिया गया था। NIA ने दावा किया कि वाजे की इस मामले में अहम भूमिका है और UAPA की सख्त जमानत शर्तों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
जब NIA ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, तो मंगलवार को जस्टिस सारंग वी. कोतवाल और जस्टिस आर.आर. भोंसले की बेंच के सामने मामला आया। लेकिन जस्टिस कोतवाल ने इससे खुद को अलग कर लिया। इसके बाद बुधवार को मामला जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस आशीष चव्हाण की बेंच के सामने पहुंचा। लेकिन जस्टिस डांगरे ने बताया कि वह इससे जुड़े मामले में पहले ही खुद को अलग कर चुकी हैं। वहीं, जस्टिस चव्हाण ने भी सुनवाई से मना कर दिया, क्योंकि वकील रहते हुए वह CBI की ओर से एक अलग लेकिन संबंधित मामले में पेश हो चुके थे।
इस स्थिति के बाद, NIA ने मामले को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखने की अनुमति मांगी। मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी ने मामले को जस्टिस गिरिश एस. कुलकर्णी और जस्टिस नीला के. गोखले की बेंच को सौंपा। इस बेंच ने NIA की अपील पर सुनवाई करते हुए विशेष अदालत के जमानत आदेश पर 7 अक्टूबर तक रोक लगा दी। कोर्ट ने सचिन वाजे को नोटिस भी भेजा है और अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को तय की गई है। इसका मतलब है कि वाजे फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे।
अब इस पूरे मामले में वाजे की रिहाई पर रोक लग गई है। आने वाली सुनवाई में हाईकोर्ट NIA की आपत्तियों और वाजे की ओर से पेश किए गए तर्कों पर विचार करेगी। सचिन वाजे की जमानत एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। इससे जुड़े सभी तथ्यों और कानूनों पर कोर्ट की नजर रहेगी।
एंटीलिया बम धमकी मामला एक गंभीर आरोप है, और इसके साथ ही सचिन वाजे की भूमिका भी मुख्य है। लेकिन अब देखना होगा कि आगे की सुनवाई में क्या होता है। इस मामले में NIA का पक्ष और सचिन वाजे का पक्ष एक ही मंच पर आएगा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर अदालत अपना फैसला सुनाएगी। अब सबकी नजरें 7 अक्टूबर की सुनवाई पर हैं। यह मामला न केवल कानून के दृष्टिकोण से बल्कि समाज में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।