भवानीसागर बांध में हालिया बारिश से जल स्तर में वृद्धि और किसानों को राहत मिलती है
भवानीसागर बांध में हालिया बारिश से जल स्तर में वृद्धि और किसानों को राहत मिलती है
NewsPoint•
ईरोड जिले के किसानों के लिए राहत की खबर आई है। भवानीसागर बांध के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश होने से जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। 7 अक्टूबर को शाम 6 बजे जलस्तर 54.38 फीट था, जो 9 अक्टूबर को शाम 6 बजे तक 56.59 फीट तक पहुंच गया। यह बदलाव लंबी अवधि के सूखे के बाद आया है, जिसने पहले जलाशय में पानी की कमी का कारण बना। इस समय पानी का प्रवाह लगभग 3,500 घन फीट प्रति सेकंड तक पहुंच गया है।
जलग्रहण क्षेत्रों में हाल की बारिश से स्थिति में सुधार हुआ है। 8 अक्टूबर को जल प्रवाह 2,436 क्यूसेक था और अगले दिन यह बढ़कर 3,488 क्यूसेक हो गया। यह पानी की मात्रा जलाशय तक पहुंचने में मदद कर रही है और किसानों की चिंताओं को कम कर रही है। बांध का पूर्ण जलस्तर 105 फीट है, और इसके जल भंडारण की स्थिति लगातार रिव्यू हो रही है।किसान जलाशय पर निर्भर हैं, लेकिन पिछले कुछ महीनों में बारिश की कमी ने जल स्तर को लगभग 50 फीट तक गिरा दिया था। पानी का स्तर कम होने से कुछ हिस्से उजागर हो गए थे, जिससे गाद को हटाने में मदद मिली। गाद हटाने की अनुमति मिलने के बाद किसान इस काम में जुट गए हैं।
सिंचाई के लिए बांध से पानी छोड़ने का काम फिलहाल बंद कर दिया गया है। इस निर्णय ने जलाशय के जलस्तर को बढ़ाने में मदद की है। अब किसान फिर से आशान्वित हैं। दो दिनों में 2.21 फीट की वृद्धि एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, जलाशय अभी भी अपने पूर्ण स्तर से नीचे है। इसलिए लगातार जल प्रवाह की आवश्यकता बनी हुई है।
भवानीसागर में पानी का आना किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। लंबे सूखे के बाद यह बदलाव हर्षित करने वाला है। जलग्रहण क्षेत्र में बारिश और पानी छोड़ने पर रोक से बांध में पानी की मात्रा में बढ़ोतरी हुई है। कृषि समुदाय इसे सकारात्मक मान रहा है।
किसानों ने इस वृद्धि का स्वागत किया है। जल स्तर में गिरावट की जो समस्या थी, अब वह कुछ हद तक हल हो गई है। अब उम्मीद जगी है कि बांध के जलस्तर को फिर से भरा जा सकेगा। जलाशय में पानी की वापसी से किसानों को जो सहायता मिली है, उससे उनकी चिंताएं कम हुई हैं।
इस समय, जलग्रहण क्षेत्र में हुई बारिश ने स्थानीय किसानों के लिए नई संभावनाएँ खोली हैं। बढ़ता जल स्तर उन्हें उनकी कृषि जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा। जलाशय की स्थिति पर नजर बनाए रखना आवश्यक है, ताकि किसानों को भविष्य में कोई कठिनाई न हो।
भवानीसागर बांध से जुड़े सभी किसान अब जलाशय में पानी की लगातार वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं। यह उनका जीवनयापन करने का एक प्रमुख स्रोत है। इस मास बारिश ने उनकी उम्मीदों को फिर से जागृत किया है। अब सभी को इस जलाशय के पुनर्भरण की दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि सभी को राहत मिल सके।