बांग्लादेश में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी, 24 घंटे में 2,249 नए केस और 7 मौतें
बांग्लादेश में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी, 24 घंटे में 2,249 नए केस और 7 मौतें
NewsPoint•
बांग्लादेश में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में, रविवार सुबह तक 24 घंटों में 2,249 नए डेंगू मामले सामने आए हैं। यह संख्या वर्ष 2026 के लिए अब तक की सबसे अधिक है। इसी दौरान डेंगू की वजह से सात लोगों की मौत भी हुई है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के अनुसार, इस वर्ष बांग्लादेश में डेंगू के कुल मामलों की संख्या 1,23,948 तक पहुंच गई है, और मरने वालों की संख्या 384 हो गई है।
यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश (यूएनबी) की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल की मौतों में ढाका नॉर्थ सिटी कॉरपोरेशन (डीएनसीसी) और मायमनसिंह डिवीजन में दो-दो लोग शामिल हैं। जबकि, ढाका साउथ सिटी कॉरपोरेशन (डीएससीसी), खुलना, और राजशाही डिवीजन में एक-एक मौत हुई है। डेंगू से हुई कुल मौतों में 52.8 प्रतिशत महिलाएं और 47.2 प्रतिशत पुरुष हैं। डीजीएचएस का कहना है कि अब तक 1,17,400 डेंगू मरीज इलाज के बाद ठीक होकर घर लौट चुके हैं। पिछले महीने देश के मत्स्य एवं पशुधन राज्य मंत्री सुल्तान सलाहुद्दीन टुकू ने डेंगू के बढ़ते मामलों पर चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा, "आने वाले महीनों में डेंगू का खतरा और बढ़ सकता है, इसलिए सभी लोगों को अभी से जागरूक होने की जरूरत है।" यह कहना सही है कि सभी को एहतियात बरतने की जरूरत है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि डेंगू से हुई हाल की मौतों का कारण है- अस्पताल पहुंचने में देरी। कई मरीज जब इलाज के लिए आते हैं, तब उनकी हालत गंभीर होती है। ढाका के शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर एच.एम. नजरुल अहसान ने कहा कि डेंगू के मामलों में तेज वृद्धि के कारण ही मौतें बढ़ी हैं। वे बताते हैं कि डेंगू से होने वाली मौतों के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं: वायरस से जुड़े कारण, मरीजों की स्वास्थ्य से जुड़ी कमजोरियां और उपचार में जटिलताएं।
पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ मुश्तुक हुसैन का कहना है कि डेंगू मरीजों के उपचार में सुधार के लिए एक तीन-स्तरीय स्वास्थ्य व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। यह व्यवस्था प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं पर आधारित होगी। इससे मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
बांग्लादेश में डेंगू की स्थिति काफी गंभीर होती जा रही है। अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या और मौतों की विकरालता चिंता का विषय है। लोगों को अभी से जागरूक रहने की आवश्यकता है। सही समय पर इलाज और उचित देखभाल से इस समस्या का समाधान संभव है। स्वास्थ्य मंत्रालय और संबंधित विभागों को गंभीरता से इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।