राहुल गांधी को मानहानि मामले में मिली राहत, विशेष अदालत ने किया दोषमुक्त
राहुल गांधी को मानहानि मामले में मिली राहत, विशेष अदालत ने किया दोषमुक्त
NewsPoint•
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े मानहानि मामले में बड़ी राहत मिली है। सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के तहत चल रहे मामले में दोषमुक्त कर दिया है। यह फैसला सोमवार को आया। शिकायतकर्ता विजय मिश्रा ने कहा कि वह फैसले को अपीलीय अदालत में चुनौती देंगे। वहीं, वादी पक्ष के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने अदालत के फैसले की जानकारी दी है।
राहुल गांधी सोमवार की सुबह करीब 11:12 बजे सुल्तानपुर स्थित विशेष एमपी-एमएलए अदालत पहुंचे। फैसले को देखते हुए अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। जैसे ही राहुल गांधी अदालत के कक्ष में प्रवेश किए, दरवाजा बंद कर दिया गया। इससे पहले, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कांग्रेस कार्यकर्ता उन्हें स्वागत करने के लिए एकत्रित हुए थे।अधिवक्ता संतोष पांडेय ने अदालत के निर्णय की प्रमुख बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि अदालत ने शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत सीडी को साक्ष्य मान लिया, लेकिन विजय मिश्रा को पीड़ित व्यक्ति नहीं माना। अदालत ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी की टिप्पणी को मानहानिकारक नहीं माना गया, जिसके चलते उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया गया।
अधिवक्ता ने आगे कहा कि उन्हें अभी तक फैसले की प्रमाणित प्रति नहीं मिली है। जैसे ही उन्हें यह प्राप्त होगी, वह उसका विधिक परीक्षण करेंगे और फिर आगे की कार्रवाई पर विचार करेंगे। शिकायतकर्ता विजय मिश्रा ने बताया कि वह अब अपनी ओर से कानूनी सलाह लेकर अपीलीय अदालत में जाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि "फैसला अभी आया है और अदालत ने राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया है। आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के बाद मैं अपने अधिवक्ता के माध्यम से फैसले का अध्ययन करूंगा।"
इस मामले की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी। उस समय कर्नाटक विधानसभा चुनाव चल रहे थे। राहुल गांधी ने बेंगलुरु में एक प्रेस वार्ता के दौरान अमित शाह को 'हत्यारा' कहा था। आरोपी का कहना था कि इससे भाजपा और उसके कार्यकर्ताओं की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। उस समय विजय मिश्रा भाजपा के जिला उपाध्यक्ष और जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष थे। उन्होंने चार अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई शुरू में दीवानी न्यायालय में हुई और बाद में इसे सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों के लिए विशेष एमपी-एमएलए अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया। अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को समन जारी किया था। इसके बाद, 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी अदालत में पेश हुए। उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत मिली थी। उस समय उन्होंने आरोपों से इनकार किया था।
इस सुनवाई के दौरान विजय मिश्रा, अनिल मिश्रा और रामचंद दुबे के बयान दर्ज किए गए। शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी की आवाज का नमूना लेकर सीडी से उसका मिलान कराने की भी मांग की थी। हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने इस मांग को खारिज कर दिया। इसके बाद सेशन कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी विजय मिश्रा को राहत नहीं मिली थी।
अभी फैसले के बाद, शिकायतकर्ता को प्रमाणित प्रति प्राप्त करने और अपने कानूनी विकल्पों पर विचार करने की बात कही गई है। अब देखना है कि विजय मिश्रा इस फैसले को चुनौती देने के लिए अपीलीय अदालत में कब जाते हैं।
इस मामले ने राष्ट्रीय राजनीति में काफी हलचल मचाई है। कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। ऐसे मामलों में अदालत का रुख तय करेगा कि राजनीतिक बयानबाजी के अंतर्गत क्या चीजें मानहानि की श्रेणी में आती हैं या नहीं।
कुल मिलाकर ये फैसला राहुल गांधी के लिए एक बड़ी राहत है, जबकि विजय मिश्रा अब इसे चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। यह मामला अदालती सुनवाई के विभिन्न चरणों से गुजर चुका है और अब अपील की बारी है।