Gurgaons Roads Are Eating Dust Sweeping Machines Broken Questions On Cleanliness
कैसे साफ होंगी सड़कें, जब स्वीपिंग मशीनें खा रहीं धूल
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n गुड़गांव: नगर निगम की ओर से सड़कों की धूल साफ करने के लिए लगाई गईं आधी स्वीपिंग मशीनें खुद धूल खा रही हैं। ऐसे में कमीशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट (CAQM) की तरफ से ग्रैप के दौरान स्वीपिंग मशीनों से सड़कों की सफाई को लेकर दिए गए दिशा निर्देश कैसे लागू हो पाएंगे।
शहर में मुख्य सड़कों की स्वीपिंग के लिए 72 से अधिक मशीनों की जरूरत है, जबकि निगम के पास मौजूदा समय में केवल 25 मशीनें ही हैं। इनमें से 10 से अधिक खराब हैं। दो मशीनों में किन्ही कारणों से आग लग चुकी है। सोमवार को भी प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ने सड़कों को धूल मुक्त करने के आदेश निगम अधिकारियों को दिए हैं।नई मशीनें अभी आई नहीं, कैसे होगी सफाई?
शहर में 950 किमी से अधिक नगर निगम एरिया की सड़के हैं। इनमें से 550 किमी से अधिक मुख्य सड़कें हैं, जहां रोड स्वीपिंग के लिए मशीनें हैं। निगम के पास एक एजेंसी के स्वीपिंग मशीनों के दो टेंडर हैं। 20 मशीनों का एक टेंडर 31 मार्च 2027 तक है, दूसरा 5 मशीनों का 21 फरवरी तक है। इनमें से 10 मशीनें खराब बताई जा रही हैं, जबकि दो में आग लग चुकी है। नई मशीनें अभी आई नहीं हैं। शहर में 72 मशीनों की जरूरत है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब पर्याप्त मशीनें ही नहीं हैं तो रोड स्वीपिंग का काम कैसे होगा?