कैमूर मोहनिया पावर हाउस में बाढ़ का पानी घुसा, बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा

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Navbharat Times
कैमूर जिले के मोहनिया में बाढ़ का खतरा बिजली व्यवस्था पर मंडराने लगा है। मोहनिया पावर हाउस परिसर में बाढ़ का पानी घुसने से बिजली आपूर्ति ठप होने की आशंका है। विभाग ने पानी निकालने का काम शुरू कर दिया है, लेकिन बिजली उपकरणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। मोटर पंप से पानी बाहर निकाला जा रहा है और कर्मचारी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ का पानी तेजी से पावर हाउस क्षेत्र में पहुंचा है और अगर समय रहते इसे नहीं निकाला गया तो बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी को देखते हुए राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। एसडीआरएफ (SDRF) की टीम भी जल्द ही मौके पर पहुंचने वाली है, जिससे जल निकासी और बचाव कार्यों में तेजी आएगी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है और लोगों को परेशानी हो रही है। प्रशासन और बिजली विभाग की प्राथमिकता पावर हाउस को सुरक्षित रखना और बिजली आपूर्ति सुचारू बनाए रखना है।

मोहनिया पावर हाउस में बाढ़ का पानी घुसने से बिजली व्यवस्था पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। कैमूर जिले के मोहनिया में बाढ़ का असर अब बिजली आपूर्ति पर भी दिखने लगा है। पावर हाउस परिसर में पानी भर जाने से बिजली उपकरणों के खराब होने का डर सता रहा है। बिजली विभाग ने आनन-फानन में मोटर पंप लगाकर पानी बाहर निकालने का काम शुरू कर दिया है। विभाग के कर्मचारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी बड़े नुकसान से बचा जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ का पानी बहुत तेजी से पावर हाउस के इलाके में पहुंच गया। अगर समय रहते इस पानी को नहीं निकाला गया तो बिजली की सप्लाई पूरी तरह से बंद हो सकती है। इसी खतरे को देखते हुए राहत और बचाव के काम को और तेज कर दिया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ (SDRF) की टीम भी जल्द ही वहां पहुंचने वाली है। उनकी मदद से पानी निकालने और अन्य बचाव कार्यों में और तेजी आने की उम्मीद है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश और नदी में पानी का जलस्तर बढ़ने की वजह से पूरे इलाके में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को आने-जाने और रोजमर्रा के कामों में काफी दिक्कतें हो रही हैं। प्रशासन और बिजली विभाग की टीमें लगातार हालात का जायजा ले रही हैं।

अधिकारियों का कहना है कि उनकी सबसे पहली प्राथमिकता पावर हाउस को सुरक्षित रखना है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करना है कि बिजली की आपूर्ति में कोई रुकावट न आए। इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। यह एक बड़ी चुनौती है क्योंकि मानसून के दौरान बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में बिजली जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों को सुरक्षित रखना प्रशासन के लिए सिरदर्द बन जाता है। मोहनिया पावर हाउस में जलभराव की स्थिति को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि क्षेत्र में बिजली का संकट पैदा न हो।