मुजफ्फरपुर निबंधन कार्यालय में अवैध वसूली का वीडियो वायरल, जांच शुरू

NewsPoint
Navbharat Times
मुजफ्फरपुर जिला निबंधन कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री कराने आए एक व्यक्ति से कथित तौर पर अतिरिक्त पैसे मांगने का वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है। इस वीडियो ने निबंधन कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र के रघुनाथपुर मधुबन निवासी प्रमोद झा अपनी जमीन की रजिस्ट्री कराने पहुंचे थे, तभी उनसे कथित तौर पर अवैध वसूली की कोशिश की गई, जिसकी पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया।

यह मामला तब सामने आया जब प्रमोद झा अपनी जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए मुजफ्फरपुर जिला निबंधन कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान कार्यालय से जुड़े एक व्यक्ति ने उनसे तय शुल्क से अधिक पैसे मांगे। प्रमोद झा ने इस पूरी बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया, और यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कार्यालय में मौजूद व्यक्ति और प्रमोद झा के बीच पैसों को लेकर बातचीत होती दिख रही है, जिसमें अवैध राशि की मांग का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो पाएगी।
इस वीडियो के सामने आने के बाद आम लोगों में निबंधन कार्यालयों में चल रही कथित अनियमितताओं को लेकर काफी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन की रजिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण कामों के लिए आने वाले आम लोगों को अक्सर अतिरिक्त पैसे देने के दबाव का सामना करना पड़ता है। यह स्थिति सरकार की ओर से लागू की गई ऑनलाइन व्यवस्थाओं के बावजूद बनी हुई है, जो काम को पारदर्शी बनाने के लिए की गई थीं।

मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने जांच शुरू करने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर जांच में किसी कर्मचारी या व्यक्ति की संलिप्तता और अवैध वसूली की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, वायरल वीडियो के आधार पर जांच चल रही है। इस जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि वीडियो में लगाए गए आरोप कितने सच हैं और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।

प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि अगर उनसे किसी भी तरह की अवैध मांग की जाती है, तो वे तुरंत इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से करें। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि निबंधन कार्यालयों में पारदर्शिता लाई जा सके और आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। सरकार का लक्ष्य है कि सभी सरकारी काम पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से हों, और इस तरह की घटनाएं इस लक्ष्य में बाधा डालती हैं।

जमीन की रजिस्ट्री एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया है, और इसमें किसी भी तरह की धांधली या अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले की तह तक जाएंगे और दोषियों को सजा दिलाएंगे। यह घटना एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है, जिस पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है। लोगों को उम्मीद है कि इस बार प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा और भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।