गुजराती संगीतकार गौरांग व्यास का निधन, पीएम मोदी और नेताओं ने जताया शोक
गुजराती संगीतकार गौरांग व्यास का निधन, पीएम मोदी और नेताओं ने जताया शोक
NewsPoint•
नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)। गुजराती सिनेमा और संगीत की दुनिया के एक बड़े सितारे, गौरांग व्यास, का गुरुवार को निधन हो गया। उनके जाने से पूरे गुजरात में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी और जामनगर उत्तर से भाजपा विधायक रिवाबा जडेजा सहित कई बड़े नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है। गौरांग व्यास ने अपने पिता अविनाश व्यास की संगीत विरासत को आगे बढ़ाते हुए गुजराती संगीत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया था। उनके निधन को संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए कहा, "गुजराती संगीत जगत के मशहूर संगीतकार गौरंग व्यास के निधन से हमें गहरा दुख हुआ है। अपने पिता अविनाश व्यास की समृद्ध संगीत परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने गुजराती संगीत के क्षेत्र में अपनी एक खास पहचान बनाई थी। उनके निधन से गुजरात ने एक प्रतिभाशाली कलाकार को खो दिया है। गुजराती संगीत में उनके अमूल्य योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना और उनके शोकाकुल परिवार तथा बड़ी संख्या में मौजूद उनके प्रशंसकों के प्रति संवेदना, ओम शांति...!!"भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने भी 'एक्स' पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए लिखा, "प्रख्यात संगीतकार गौरांग व्यास के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। गुजराती संगीत और संस्कृति के क्षेत्र में उनका अमूल्य योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनका निधन संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों व उनके असंख्य प्रशंसकों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करे। ओम शांति।"
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया पर गौरांग व्यास को याद करते हुए कहा, "गुजराती संगीत जगत के मशहूर संगीतकार गौरंग व्यास जी के निधन की खबर बेहद दुखद है। गुजराती सिनेमा, हल्के-फुल्के संगीत और लोक संगीत के क्षेत्रों में उनका अमूल्य योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। संगीत की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने जो मनमोहक धुनें रचीं, वे संगीत प्रेमियों के दिलों में हमेशा बसी रहेंगी। उनके निधन से गुजरात की कला और संगीत की दुनिया को एक ऐसी क्षति हुई है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार के सदस्यों तथा अनगिनत प्रशंसकों को इस सदमे को सहने की शक्ति दें।"
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी अपने सोशल मीडिया पोस्ट में गौरांग व्यास के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, "गुजराती संगीत जगत में संगीतकार और गायक के तौर पर एक बड़ी हस्ती रहे श्री गौरंग व्यास जी के निधन की खबर बेहद दुखद है। गुजराती सिनेमा, लोक संगीत और हल्के-फुल्के संगीत में उनके अमूल्य योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार के सदस्यों व शुभचिंतकों को इस दुख को सहने की शक्ति दें।"
गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने भी गौरांग व्यास की संगीत रचनाओं को याद करते हुए कहा, "गुजराती सिनेमा और सुगम संगीत को अपनी मधुर और यादगार रचनाओं से समृद्ध करने वाले मशहूर संगीतकार श्री गौरंग व्यास जी के निधन की खबर अत्यंत दुखद है। उनकी संगीत रचनाएं पीढ़ियों तक गूँजती रहेंगी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। ओम शांति!"
जामनगर उत्तर से भाजपा विधायक रिवाबा जडेजा ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, "गुजराती संगीत के जाने-माने संगीतकार श्री गौरंग व्यास जी के निधन की खबर अत्यंत दुखद है। उनका संगीत के प्रति समर्पण और उनकी अमूल्य रचनाएं गुजराती कला की दुनिया में हमेशा जीवित रहेंगी। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और उनके परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति प्राप्त हो।"
गौरांग व्यास ने गुजराती संगीत में अपनी एक खास जगह बनाई थी। उन्होंने अपने पिता, अविनाश व्यास, की संगीत परंपरा को न केवल आगे बढ़ाया, बल्कि उसमें अपनी अनूठी छाप भी छोड़ी। उनकी धुनें आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेंगी। उनके निधन से गुजरात की कला और संगीत की दुनिया को एक ऐसी क्षति हुई है, जिसकी भरपाई मुश्किल है। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।