पलामू में युवक की गोली मारकर हत्या, पुराना आपराधिक इतिहास, पुलिस जांच में जुटी
पलामू में युवक की गोली मारकर हत्या, पुराना आपराधिक इतिहास, पुलिस जांच में जुटी
NewsPoint•
मेदिनीनगर, 3 सितंबर। झारखंड के पलामू जिले में बुधवार देर रात बदमाशों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान ओमप्रकाश सिंह उर्फ छोटू सिंह के रूप में हुई है। यह वारदात हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के पुरंदर बीघा गांव के पास जपला-दंगवार मुख्य सड़क पर विधायक संजय कुमार सिंह यादव के आवास के नज़दीक हुई। ओमप्रकाश सिंह अपनी स्कॉर्पियो रोककर किसी से बात कर रहे थे, तभी हमलावरों ने उनकी कनपटी में गोली मार दी। भागने की कोशिश में उन पर कई गोलियां बरसाई गईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, ओमप्रकाश सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और हुसैनाबाद थाने में आर्म्स एक्ट और शराब तस्करी समेत करीब आठ मामले दर्ज थे। वह कुछ महीने पहले ही जेल से जमानत पर छूटे थे। पुलिस हत्या के पीछे पुरानी रंजिश, आपसी दुश्मनी और अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही है।
घटना की सूचना मिलते ही हुसैनाबाद थाना प्रभारी चंदन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाके की नाकेबंदी कर जांच शुरू कर दी है। वारदात के समय मौके पर एक संदिग्ध मोटरसाइकिल देखे जाने की जानकारी मिली है। फायरिंग के तुरंत बाद मोटरसाइकिल सवार तेज़ी से वहां से निकल गया। पुलिस को शक है कि इस वारदात में एक से ज़्यादा अपराधी शामिल हो सकते हैं।पलामू के एसपी कपिल चौधरी ने बताया कि अपराधियों की पहचान और उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच और स्थानीय जानकारी के आधार पर पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं। इन सुरागों के आधार पर तकनीकी और ज़मीनी स्तर पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस जपला-दंगवार मुख्य सड़क और विधायक आवास के आसपास लगे cctv कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। अपराधियों के भागने के संभावित रास्तों की भी जांच की जा रही है।
घटनास्थल के आसपास के मोबाइल टावरों से जुड़े डेटा की भी पड़ताल की जा रही है। इसके अलावा, मृतक ओमप्रकाश सिंह के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और वारदात से पहले वह किससे बात कर रहा था, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस हर पहलू से मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर अपना विरोध जताया। पुलिस ने उन्हें समझाया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद गुरुवार सुबह करीब 7.30 बजे जाम हटाया गया। पुलिस की मौजूदगी में शव को पोस्टमार्टम के लिए हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल भेजा गया।
यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इस निर्मम हत्या से स्तब्ध हैं और अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लिया है और हर संभव प्रयास कर रही है कि अपराधी कानून के शिकंजे में आएं। ओमप्रकाश सिंह का आपराधिक इतिहास होने के कारण पुलिस इस एंगल पर भी गहराई से जांच कर रही है कि कहीं यह किसी पुरानी दुश्मनी का नतीजा तो नहीं।
पुलिस का मानना है कि सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डेटा से उन्हें अपराधियों तक पहुंचने में काफी मदद मिलेगी। साथ ही, मृतक के करीबियों से पूछताछ भी की जा रही है ताकि कोई अहम जानकारी मिल सके। इस घटना ने एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही इस मामले का खुलासा करेंगे और दोषियों को सज़ा दिलाएंगे।