डेविस कप: दक्षिण कोरिया के खिलाफ भारत की तैयारी, कप्तान रोहित राजपाल का बयान

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नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के डेविस कप नॉन-प्लेइंग कप्तान रोहित राजपाल को पूरा भरोसा है कि उनकी टीम दक्षिण कोरिया के घरेलू मैदान के फायदे का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। दोनों टीमें 18 और 19 सितंबर को सियोल में वर्ल्ड ग्रुप क्वालीफायर राउंड 2 में आमने-सामने होंगी। राजपाल ने कहा कि वे जानते हैं कि यह मुकाबला बेहद कड़ा होगा, क्योंकि कोरियाई टीम अपने घर में खेल रही है और कोर्ट को धीमा बनाने की कोशिश करेगी, जो उनके लिए फायदेमंद होगा। भारतीय टीम इस चुनौती के लिए पहले से ही वहां पहुंच रही है ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल सके। भारत ने अपनी उस टीम को बरकरार रखा है जिसने फरवरी में नीदरलैंड्स को हराकर इस राउंड में जगह बनाई थी। सियोल में पांच सदस्यीय टीम में सुमित नागल, दक्षिणेश्वर सुरेश और मानस धमने जैसे नए चेहरे शामिल हैं, जबकि युकी भांबरी और एन. श्रीराम बालाजी डबल्स की जिम्मेदारी संभालेंगे। राजपाल ने मानस धमने को टीम में शामिल करने को भविष्य की रणनीति का हिस्सा बताया, ताकि युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण बना रहे। उन्होंने खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता की भी सराहना की और कहा कि वे एक टीम के रूप में एकजुट होकर काम कर रहे हैं। भारत का डबल्स में इतिहास शानदार रहा है, और राजपाल को उम्मीद है कि यह टीम भी इस परंपरा को जारी रखेगी। दोनों टीमें उलटफेर भरी जीत के साथ इस मुकाबले में उतर रही हैं, भारत ने नीदरलैंड्स को हराया तो दक्षिण कोरिया ने अर्जेंटीना को मात दी। राजपाल ने कहा कि वे जीत के लिए ऊंचे लक्ष्य तय कर रहे हैं और एक बार में एक मैच पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। यह मुकाबला सियोल ओलंपिक पार्क टेनिस सेंटर में होगा और जीतने वाली टीम नवंबर में इटली में होने वाले डेविस कप फाइनल आठ में जगह बनाएगी।

कप्तान रोहित राजपाल ने आईएएनएस से खास बातचीत में अपनी उम्मीदों और टीम की तैयारियों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, "एक कप्तान के तौर पर मेरी उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं।" राजपाल ने यह भी माना कि यह मुकाबला आसान नहीं होगा, क्योंकि दक्षिण कोरियाई टीम अपने घरेलू मैदान पर खेल रही है। उन्होंने कहा, "मैं यह भी मानता हूं कि यह बहुत मुश्किल मुकाबला होने वाला है क्योंकि कोरियन टीम कोरिया में खेल रही है और मुझे यकीन है कि मेजबान टीम होने के नाते, वे कोर्ट को बहुत धीमा बनाने की तैयारी कर रहे हैं, जो हमारे पक्ष में कम और उनके पक्ष में ज्यादा है। यह होम एडवांटेज है जो होम टीम को मिलता है।" उन्होंने आगे कहा, "कोरियन टीम को कोरिया में हराना बहुत मुश्किल माना जाता है। इसलिए, हम उसी हिसाब से तैयारी कर रहे हैं।"
भारतीय टीम की रणनीति के बारे में बताते हुए राजपाल ने कहा, "हम वहां जल्दी पहुंच रहे हैं और हमारे लिए तैयार किए गए स्थानीय हालात के हिसाब से जितना हो सके उतना ढलने की कोशिश कर रहे हैं।" यह दर्शाता है कि टीम किसी भी चुनौती के लिए पूरी तरह से तैयार है और उन्होंने अपनी रणनीति में स्थानीय परिस्थितियों को भी शामिल किया है।

भारत ने उस टीम के मुख्य खिलाड़ियों को बरकरार रखा है जिसने फरवरी में बेंगलुरु में नीदरलैंड्स को 3-2 से हराकर 2019 में मौजूदा कॉम्पिटिशन फॉर्मेट शुरू होने के बाद पहली बार क्वालीफायर के दूसरे राउंड में जगह बनाई थी। यह टीम की निरंतरता और पिछले प्रदर्शन की सफलता को दर्शाता है। सियोल में पांच सदस्यों वाली टीम में सुमित नागल, दक्षिणेश्वर सुरेश और मानस धमने को पहली बार टीम में शामिल किया गया है। यह युवा प्रतिभाओं को मौका देने और टीम को भविष्य के लिए तैयार करने की एक महत्वपूर्ण रणनीति है। डबल्स की जिम्मेदारी विशेषज्ञ युकी भांबरी और एन. श्रीराम बालाजी पर है, जबकि सिद्धार्थ रावत और जूनियर ग्रैंड स्लैम कैंपेनर अर्नव पापरकर रिजर्व के तौर पर शामिल हुए हैं। यह टीम की गहराई और विभिन्न परिस्थितियों के लिए तैयार रहने की क्षमता को दिखाता है।

मानस धमने को टीम में शामिल करने के बारे में राजपाल ने भविष्य को ध्यान में रखकर की गई एक महत्वपूर्ण रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने कहा, "मानस युवा और ऊर्जावान हैं और हम यह भी करने की कोशिश कर रहे हैं कि टीम में कोई बदलाव न हो क्योंकि दुनिया की कुछ बेहतरीन टीमें बदलाव के दौर से गुजरती हैं।" राजपाल ने इस बात पर जोर दिया कि टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण होना जरूरी है ताकि जब भी बदलाव का समय आए, टीम उससे आसानी से निकल सके। उन्होंने कहा, "हम यह पक्का करना चाहते हैं कि हमारे पास युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण हो ताकि बदलाव का समय, जब भी हो, हम उससे निकल जाएं और मानस, इस नजरिए से, टीम के लिए अहम हैं।" उन्होंने मानस के खेल की भी सराहना की और कहा, "वह अच्छा खेल रहे हैं। मुझे लगता है कि वहां रहने से उसे बहुत फायदा होगा। वह पहले भी स्क्वाड में रहा है। पहली बार वह टीम में आया है। वह बहुत सुधार कर रहा है। मुझे लगता है कि इस तरह के दबाव वाले हालात में खेलना उसे बहुत अच्छा अनुभव देगा।" यह दर्शाता है कि टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों के विकास पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है और उन्हें बड़े मंच पर खेलने का अनुभव देना चाहता है।

एक डिमांडिंग प्रोफेशनल कैलेंडर के बीच खिलाड़ियों की उपलब्धता का प्रबंधन करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन राजपाल ने भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारतीय अपने देश को लेकर बहुत भावनात्मक माने जाते हैं। यह भारतीय खिलाड़ियों की राष्ट्रीय भावना और देश के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। एक कप्तान के तौर पर यह उनका काम है कि वे टीम को एकजुट रखें। राजपाल ने कहा, "एक मुश्किल मैच से ठीक पहले दबाव कम करने के लिए जो भी चीजें जरूरी होती हैं, वे होती हैं।" उन्होंने टीम के भीतर सामंजस्य और एकजुटता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।

टीम के भीतर के माहौल और एकजुटता के बारे में बात करते हुए राजपाल ने कहा, "हम हर समय ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर एक साथ करते हैं, क्योंकि वे सभी दुनिया की अलग-अलग जगहों से आ रहे हैं। इसलिए, जल्दी पहुंचने का आइडिया यह भी है कि सभी एक साथ आएं और मिलकर काम करें और एक अच्छी मशीन की तरह काम करें।" यह दिखाता है कि टीम प्रबंधन खिलाड़ियों के बीच तालमेल बिठाने और उन्हें एक इकाई के रूप में काम करने के लिए प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। उन्होंने आगे कहा, "हम एक-दूसरे को पुश करने की कोशिश करते हैं और पिछले कुछ वर्षों में टीम बनाने के लिए बहुत मेहनत की गई है। अब इसका फायदा मिल रहा है।" यह पिछले कुछ वर्षों की कड़ी मेहनत और टीम निर्माण के सकारात्मक परिणामों को दर्शाता है।

भारत ने पहले भी एकल के बजाय डबल्स में अच्छा खेला है। राजपाल ने इस पर सहमति जताते हुए कहा, "भारतीयों का इतिहास अच्छा रहा है, लिएंडर (पेस), महेश (भूपति), रोहन (बोपन्ना), ये सभी लोग सच में डबल्स में खेलते हैं और अपना करियर बनाते हैं, जो सच में शानदार है।" उन्होंने भारतीय डबल्स खिलाड़ियों की सफलता और उनके लंबे करियर की सराहना की। उन्होंने कहा, "जब आप अपने सिंगल्स खत्म कर लेते हैं, तो यह आपको टूर पर बने रहने और टिके रहने के लिए कई और साल देता है।" यह डबल्स खेलने के फायदे को स्पष्ट करता है, जो खिलाड़ियों को लंबे समय तक पेशेवर टेनिस में सक्रिय रहने का अवसर देता है। उन्होंने आगे कहा, "इसलिए, उन्होंने दुनिया को दिखाया कि आप सभी डबल्स विशेषज्ञ हो सकते हैं और फिर भी टूर पर अपने लिए बहुत अच्छा कर सकते हैं।" यह भारतीय डबल्स खिलाड़ियों की वैश्विक स्तर पर पहचान और उनके प्रभाव को दर्शाता है।

दोनों टीमें शानदार उलटफेर वाली जीत के साथ इस मुकाबले में उतर रही हैं - जहां इंडिया ने डच टीम को चौंका दिया, वहीं दक्षिण कोरिया ने वापसी करते हुए बुसान में 2016 की चैंपियन अर्जेंटीना को 3-2 से हराया। यह बताता है कि दोनों टीमें किसी भी विरोधी को हराने की क्षमता रखती हैं और यह मुकाबला काफी रोमांचक होने वाला है।

कोरिया में सफलता के लिए सही बेंचमार्क के बारे में पूछे जाने पर, राजपाल ने कहा, "बेंचमार्क तय करना मुश्किल है। मेरा मतलब है, मैंने अपने और लड़कों के लिए बहुत ऊंचे बेंचमार्क तय किए हैं।" उन्होंने ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "अगर आप टॉप पर पहुंचने का लक्ष्य रखते हैं, तभी आप टॉप के आस-पास पहुंचते हैं। लेकिन अगर आप टॉप पर पहुंचने का लक्ष्य नहीं रखते हैं, तो आप कहीं नहीं हैं, आप जानते हैं, क्योंकि सब कुछ टारगेट पर आधारित होता है।" यह बताता है कि सफलता के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखना कितना जरूरी है।

राजपाल ने कहा, "अगर आप कोई टारगेट तय करते हैं, तो आपका शरीर और दिमाग और बाकी सब कुछ मिलकर आपको वहां या उसके करीब पहुंचाने में मदद करते हैं। कभी-कभी आप कम पड़ जाते हैं, लेकिन आप वापसी कर सकते हैं।" यह लक्ष्य निर्धारण के मनोवैज्ञानिक प्रभाव और वापसी की क्षमता पर प्रकाश डालता है। उन्होंने यथार्थवादी दृष्टिकोण बनाए रखने की बात कही, "मैं वास्तविक रहना चाहता हूं और हम एक बार में एक मैच के बारे में सोचते हैं।" यह दर्शाता है कि वे बड़े लक्ष्य के साथ-साथ वर्तमान पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

भारतीय कप्तान ने कहा, "मैं लड़कों से कहता हूं कि एक बार में एक मैच के बारे में सोचें। अगले मैच के बारे में मत सोचो और यह भी मत सोचो कि उसके बाद क्या होगा क्योंकि हमें पहले उस मुश्किल को पार करना है, फिर अगले मैच के लिए तैयारी करनी है। हमें जीतना है।" यह टीम को वर्तमान मैच पर ध्यान केंद्रित करने और दबाव को कम करने की एक प्रभावी रणनीति है।

ये खेल सियोल ओलंपिक पार्क टेनिस सेंटर में होंगे और इनकी बहुत अहमियत है। जीतने वाली टीम नवंबर में इटली के बोलोग्ना में खेले जाने वाले मशहूर डेविस कप फाइनल आठ में पहुंच जाएगी। यह डेविस कप फाइनल आठ में पहुंचने का एक महत्वपूर्ण मौका है, जो टीम के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। 19वीं रैंक वाली भारत की पिछली भिड़ंत 16वीं रैंक वाली दक्षिण कोरिया से दस साल पहले 2016 में हुई थी। यह बताता है कि दोनों देशों के बीच टेनिस में एक लंबा इतिहास रहा है। भारत, जो दोनों देशों के बीच आमने-सामने के मुकाबले में 6-5 से पीछे है, ने भी इसी तरह नाटकीय अंदाज में नीदरलैंड्स को हराकर दक्षिणेश्वर सुरेश की शानदार वापसी से इस स्टेज पर अपनी जगह पक्की की। यह भारत की वापसी करने की क्षमता और जुझारूपन को दर्शाता है।