परेश रावल का आइकॉनिक डायलॉग 'तेजा मैं हूं, मार्क इधर है' कनाडा के वैंकूवर में दिखा, स्वरूप संपत ने शेयर की तस्वीर

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Navbharat Times
दिग्गज अभिनेत्री स्वरूप संपत ने कनाडा के वैंकूवर में अपने पति, मशहूर अभिनेता परेश रावल के एक आइकॉनिक डायलॉग वाले पोस्टर को देखकर पुरानी यादें ताज़ा कीं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर साझा की जिसमें वैंकूवर की एक दीवार पर परेश रावल का पोस्टर लगा था और उस पर लिखा था, "तेजा मैं हूं, मार्क इधर है।" स्वरूप संपत ने इस पोस्टर के साथ पोज देते हुए अपने चेहरे की ओर इशारा किया, जो उस डायलॉग के मतलब को दोहरा रहा था। उन्होंने लिखा कि यह मशहूर डायलॉग कनाडा तक पहुंच गया है और वह वैंकूवर में परेश रावल को याद कर रही हैं। यह डायलॉग फिल्म 'अंदाज अपना अपना' से है, जिसमें परेश रावल ने तेजा का किरदार निभाया था।

यह यादगार डायलॉग फिल्म 'अंदाज अपना अपना' से लिया गया है, जो 1994 में आई थी। इस फिल्म में परेश रावल ने तेजा नाम के एक चालाक किरदार का रोल निभाया था। तेजा, अपने सीधे-साधे और अमीर जुड़वां भाई रामगोपाल बजाज की दौलत हड़पना चाहता था। फिल्म में तेजा के चेहरे पर एक तिल और निशान था, जो उसे उसके भाई से अलग करता था। इसी पहचान के चलते वह कहता है, "तेजा मैं हूं, मार्क इधर है।" यह लाइन हिंदी सिनेमा के सबसे मशहूर और मज़ेदार डायलॉग्स में से एक बन गई है।
'अंदाज अपना अपना' को आज कल्ट क्लासिक फिल्म माना जाता है। जब यह फिल्म 1994 में रिलीज़ हुई थी, तब बॉक्स ऑफिस पर इसने कुछ खास कमाल नहीं दिखाया था और इसे औसत या फ्लॉप समझा गया था। लेकिन समय के साथ, टीवी और दूसरे माध्यमों पर दर्शकों ने इस फिल्म को बहुत पसंद किया। इसके अनोखे डायलॉग्स, किरदारों की टाइमिंग और ज़बरदस्त कॉमेडी ने इसे एक ऐतिहासिक फिल्म बना दिया है। 'क्राइम मास्टर गोगो' और "तेजा मैं हूं, मार्क इधर है" जैसे डायलॉग्स आज भी लोगों की ज़ुबान पर हैं।

फिल्म में परेश रावल ने रामगोपाल बजाज और तेजा, दोनों का डबल रोल किया था। रामगोपाल बजाज एक सीधे-सादे और अमीर उद्योगपति थे, जबकि तेजा उनका जुड़वां भाई था। तेजा बहुत ही चालाक था और रामगोपाल की सारी दौलत पर कब्ज़ा करना चाहता था। फिल्म की कहानी इन्हीं दोनों भाइयों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें तेजा अपनी चालाकी से रामगोपाल को धोखा देने की कोशिश करता है।

स्वरूप संपत ने वैंकूवर में इस पोस्टर को देखकर खुशी जताई और अपने पति को याद किया। उन्होंने बताया कि कैसे उनके पति का काम दुनिया भर में पहचाना जा रहा है। यह दिखाता है कि परेश रावल की एक्टिंग का जादू सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी छाया हुआ है। यह घटना इस बात का सबूत है कि कैसे कुछ डायलॉग्स और किरदार लोगों के दिलों में बस जाते हैं और सालों तक याद रखे जाते हैं। 'अंदाज अपना अपना' फिल्म की सफलता का एक बड़ा कारण उसके यादगार किरदार और मज़ेदार डायलॉग्स ही हैं, जो आज भी लोगों को हंसाते हैं।