प्रियंका गांधी वाड्रा के नाम पर साइबर ठगी: AI से बनी फर्जी आवाज और वीडियो का इस्तेमाल

NewsPoint
ai
नई दिल्ली, 10 सितंबर। वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के नाम और आवाज़ का इस्तेमाल कर साइबर ठग लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। इस संबंध में प्रियंका गांधी के कार्यालय ने इंस्टाग्राम पर एक 'स्कैम अलर्ट' जारी किया है। कार्यालय ने बताया कि वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम और अन्य social media प्लेटफॉर्म पर प्रियंका गांधी की एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बनाई गई फर्जी तस्वीरें और आवाज़ वाले वीडियो वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में लोगों से पैसे निवेश करने के लिए कहा जा रहा है। कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि ये सभी वीडियो धोखाधड़ी हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसे किसी भी लिंक पर क्लिक न करें और न ही निवेश करें। ऐसे पोस्ट को रिपोर्ट और ब्लॉक करें।

यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े नेता के नाम का दुरुपयोग कर लोगों को ठगा जा रहा है। इससे पहले अगस्त महीने में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम पर भी ऐसा ही एक फर्जी वीडियो सामने आया था। सरकार ने उस वीडियो का खंडन किया था। उस वीडियो में यह दावा किया जा रहा था कि 22 हजार रुपए के शुरुआती निवेश पर हर हफ्ते साढ़े पांच लाख रुपए की कमाई होगी। यह एक निवेश योजना का प्रचार था। पीआईबी (प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो) की फैक्ट चेक यूनिट ने जांच कर पाया कि यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी है और इसे एआई की मदद से तैयार किया गया है। पीआईबी ने साफ किया था कि वित्त मंत्री ने ऐसी किसी भी निवेश योजना या प्लेटफॉर्म का समर्थन नहीं किया है।
आजकल साइबर ठग लोगों का भरोसा जीतने के लिए हर दिन नए-नए तरीके खोज रहे हैं। वे बड़े नेताओं और जानी-मानी हस्तियों की एआई से आवाज़ और वीडियो बनाकर लोगों को झांसे में ले रहे हैं और लाखों-करोड़ों की ठगी कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कोई वीडियो आपको बहुत ज्यादा मुनाफे का लालच दे रहा है, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी सच्चाई की जांच जरूर करें। अगर सरकार या किसी नेता की तरफ से ऐसी कोई योजना आती है, तो उसकी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर देखें।

यह साइबर ठगी का एक नया और खतरनाक रूप है। एआई तकनीक का इस्तेमाल करके ठग लोगों की भावनाओं और भरोसे का फायदा उठा रहे हैं। वे ऐसे वीडियो बनाते हैं जो बिल्कुल असली लगते हैं, जिससे लोग आसानी से उनके जाल में फंस जाते हैं। इन फर्जी वीडियो में अक्सर जल्दी अमीर बनने का लालच दिया जाता है, जो लोगों को तुरंत पैसा लगाने के लिए प्रेरित करता है।

लोगों को यह समझना बहुत जरूरी है कि अगर कोई चीज़ सच होने के लिए बहुत अच्छी लग रही है, तो शायद वह सच नहीं है। खासकर जब बात पैसों के निवेश की हो। किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले पूरी तरह से रिसर्च करना चाहिए। सरकारी योजनाओं की जानकारी हमेशा सरकारी वेबसाइटों पर ही देखनी चाहिए। किसी भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो या लिंक पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए।

साइबर ठगों से बचने के लिए कुछ सामान्य सावधानियां बरतना बहुत जरूरी है। अपने personal information को किसी के साथ साझा न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति से आए लिंक पर क्लिक न करें। अपने passwords को मजबूत रखें और उन्हें नियमित रूप से बदलते रहें। अगर आपको लगता है कि आप ठगी का शिकार हुए हैं, तो तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।

यह घटना हमें याद दिलाती है कि डिजिटल दुनिया में हमें कितना सतर्क रहने की जरूरत है। तकनीक जहां हमारे जीवन को आसान बनाती है, वहीं इसके गलत इस्तेमाल से हमें सावधान रहना चाहिए। प्रियंका गांधी के कार्यालय द्वारा जारी किया गया 'स्कैम अलर्ट' एक महत्वपूर्ण कदम है, जो लोगों को इस तरह की धोखाधड़ी से बचाने में मदद करेगा। हमें भी इस तरह की सूचनाओं पर ध्यान देना चाहिए और दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए।