सीतापुर में सड़क चौड़ीकरण विवाद: मंत्री राकेश राठौर कोतवाली में रो पड़े, अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

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Navbharat Times
सीतापुर, 11 सितंबर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सड़क चौड़ीकरण के एक मामले में नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरु अपने समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंचकर भावुक हो गए और फफक-फफक कर रो पड़े। उन्होंने नगर पालिका और पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि माफियाओं को छोड़ दिया जाता है, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं को हवालात में डाल दिया जाता है और उन्हें बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं मिलती। यह पूरा विवाद शहर के रम्पा महल के पास सड़क चौड़ीकरण के दौरान अतिक्रमण हटाने को लेकर शुरू हुआ था, जिसमें भाजपा कार्यकर्ता और नगर पालिका के अधिकारी आमने-सामने आ गए थे। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि अभियान के दौरान अनावश्यक सख्ती बरती गई, जिससे विवाद बढ़ा और बाद में पुलिस ने कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

मामला इतना बढ़ गया कि खुद राज्यमंत्री राकेश राठौर को कोतवाली पहुंचना पड़ा। कोतवाली में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुजीब अहमद जैसे हिस्ट्रीशीटर और माफिया, जिन पर दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं, उन्हें जेल भेजने के कुछ समय बाद छोड़ दिया जाता है और फोटो खिंचवाई जाती है। लेकिन दूसरी ओर, पार्टी कार्यकर्ताओं को हवालात का सामना करना पड़ता है और उन्हें बैठने के लिए कुर्सी तक नसीब नहीं होती। राज्यमंत्री ने कहा कि उनके जीवन में यह पहला मौका है जब उन्हें किसी मामले में कोतवाली आना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोपहर से लेकर देर रात तक नगर पालिका ईओ, पुलिस अधिकारियों और एसपी स्तर तक बातचीत हुई, लेकिन कार्यकर्ताओं को कोतवाली से रिहा करने के बजाय केवल आश्वासन ही मिलता रहा।
राकेश राठौर ने बताया कि इस मामले में संबंधित व्यक्ति उनके परम मित्र जितेंद्र मिश्रा और दूसरा उनका मुंहबोला भतीजा सौरभ मिश्रा है, जिसे उन्होंने गोद में खिलाया है। उन्होंने कहा कि अगर बातचीत के दौरान उससे कोई अपशब्द निकल गया हो तो उसके लिए वह स्वयं क्षमा मांगते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं का खून गर्म होता है, लेकिन प्रशासन को भी संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। राज्यमंत्री के इस बयान के बाद वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। राकेश राठौर ने जोर देकर कहा, “मैं अपने कार्यकर्ताओं के सम्मान में यहां आया हूं। अगर कार्यकर्ता ही नहीं रहेगा तो भाजपा कहां रहेगी।”

वहीं, कोतवाली पहुंचे एएसपी उत्तरी आलोक कुमार सिंह ने पूरे मामले को एक सामान्य कार्रवाई से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस और संबंधित युवक के बीच बातचीत हुई थी। उस समय यह जानकारी नहीं थी कि वह भाजपा कार्यकर्ता हैं। बाद में बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया, जिसके बाद स्थिति को संभालने के प्रयास किए गए। यह घटना सीतापुर शहर में सड़क चौड़ीकरण के अभियान के दौरान हुई, जहां अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही थी। इस दौरान कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर अधिकारियों के साथ अभद्रता की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसी बात से नाराज होकर राज्यमंत्री राकेश राठौर कोतवाली पहुंचे और उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए जो कानून तोड़ते हैं, न कि उन कार्यकर्ताओं के खिलाफ जो पार्टी के लिए काम करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़े हैं और उनके सम्मान की रक्षा करेंगे। यह मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है और इस पर आगे भी चर्चा होने की उम्मीद है।

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