ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: नई दिल्ली में जुटेंगे विश्व नेता, भारत कर रहा मेजबानी
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: नई दिल्ली में जुटेंगे विश्व नेता, भारत कर रहा मेजबानी
NewsPoint•
नई दिल्ली, 11 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए दुनिया भर के नेता नई दिल्ली में इकट्ठा होंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि इस अहम बैठक में दुनिया के हित और भलाई को ध्यान में रखते हुए कई मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने हिंदी में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक् स’ पर एक पोस्ट में यह बात कही। उन्होंने कहा, “दुनिया भर के नेता ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए एकत्र होंगे। मुझे विश्वास है कि इस सम्मेलन में विश्व कल्याण को ध्यान में रखते हुए विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।”
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया। इस श्लोक में अच्छे और सज्जन लोगों के साथ संबंध बनाने, बातचीत बढ़ाने और आपसी सद्भाव को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया गया है। श्लोक का भावार्थ कुछ इस प्रकार है: “मनुष्य को हमेशा अच्छे लोगों के बीच रहना चाहिए और उनका साथ बनाए रखना चाहिए। उसे सज्जनों के साथ चर्चा और मित्रता बढ़ानी चाहिए, क्योंकि आपसी सद्भाव, बातचीत और अच्छे संबंध शांति और सहयोग को मजबूत करते हैं।”भारत के पास ब्रिक्स 2026 की अध्यक्षता है। इसी के तहत भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इस सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों, साझेदार देशों और अन्य आमंत्रित देशों के नेता हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, सम्मेलन के दौरान नेता ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही वे वैश्विक और क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर भी अपने विचार साझा करेंगे।
इससे पहले, गुरुवार रात को सम्मेलन स्थल इंडिया मंडपम को इस बड़े आयोजन के लिए अंतिम रूप से तैयार किया जा रहा था। 12 से 13 सितंबर के बीच दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधियों और नेताओं के यहां पहुंचने की उम्मीद है। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आधिकारिक ‘एक् स’ हैंडल ने गुरुवार को पोस्ट करते हुए कहा, “यह दिल्ली है। यह खास पल है। अपनी समृद्ध विरासत की चमक के साथ इंडिया मंडपम 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए तैयार हो रहा है और राजधानी इस आयोजन की अंतिम तैयारियों में जुटी है।”
यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है। ब्रिक्स देशों के नेता इन चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने के तरीकों पर विचार-विमर्श करेंगे। इस बैठक में आर्थिक सहयोग, आतंकवाद का मुकाबला, जलवायु परिवर्तन और डिजिटल परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। ब्रिक्स समूह दुनिया की लगभग 40% आबादी और वैश्विक जीडीपी के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए, इस शिखर सम्मेलन के निष्कर्षों का वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
भारत, जो इस बार ब्रिक्स की मेजबानी कर रहा है, का लक्ष्य इस समूह के भीतर सहयोग को और गहरा करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा से ही बहुपक्षीय मंचों पर विकासशील देशों की आवाज उठाने पर जोर दिया है। उम्मीद है कि इस शिखर सम्मेलन में भी भारत अपनी इसी नीति को आगे बढ़ाएगा। ब्रिक्स देशों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग को बढ़ाना इस बैठक का एक प्रमुख उद्देश्य होगा।
सम्मेलन के दौरान, नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठकों का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे वे एक-दूसरे के साथ सीधे संवाद कर सकें और विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय साझा कर सकें। यह शिखर सम्मेलन न केवल ब्रिक्स देशों के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। भारत मंडपम, जो अपनी भव्यता और आधुनिक सुविधाओं के लिए जाना जाता है, इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए एक आदर्श स्थान साबित होगा।