राजस्थान में बिना लाइसेंस दवा गोदाम से 4 करोड़ की दवाएं जब्त, 5 सैंपल खराब क्वालिटी के
राजस्थान में बिना लाइसेंस दवा गोदाम से 4 करोड़ की दवाएं जब्त, 5 सैंपल खराब क्वालिटी के
NewsPoint•
जयपुर, 10 सितंबर। राजस्थान ड्रग कंट्रोल कमिश्नरेट ने भिवाड़ी में एक बिना लाइसेंस वाले दवा गोदाम से जब्त की गई दवाओं के सैंपल की जांच के बाद बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। क्वालिटी टेस्ट रिपोर्ट में सामने आया कि जब्त किए गए 18 सैंपल में से 5 सैंपल खराब क्वालिटी के थे। प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सूचना के आधार पर हुई इस कार्रवाई में करीब 1,500 कार्टन दवाएं और अन्य सामान जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है। कोर्ट के आदेशों के अनुसार, जब्त किए गए सामान को ड्रग कंट्रोल ऑफिसर की निगरानी में रखा गया है।
ऑपरेशन के दौरान, उस जगह पर अलग-अलग कंपनियों द्वारा बनाई और बेची जाने वाली दवाएं मिलीं। क्वालिटी जांच के लिए 18 सैंपल लिए गए थे। अब ड्रग कंट्रोल कमिश्नरेट ने इन दवाओं को बनाने वाली संबंधित कंपनियों से विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। ड्रग कंट्रोल कमिश्नर अविचल चतुर्वेदी ने बताया कि कमिश्नरेट के निर्देशों का पालन करते हुए, संबंधित दवा बनाने वाली फैक्ट्रियों में जांच दल भेजे गए हैं।ये जांच दल दवाएं बनाने के रिकॉर्ड, इस्तेमाल किए गए कच्चे माल, क्वालिटी कंट्रोल के रिकॉर्ड, बैच प्रोडक्शन के रिकॉर्ड और उन बैचों की सप्लाई चेन से जुड़े सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच करेंगे। जांच में यह भी देखा जाएगा कि दवाओं का निर्माण, क्वालिटी टेस्टिंग, स्टोरेज और वितरण तय मानकों और सरकारी नियमों के अनुसार हुआ था या नहीं।
चतुर्वेदी ने कहा कि जांच के नतीजों के आधार पर कानून और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दवाओं की क्वालिटी और लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में, या बिना लाइसेंस के दवा का व्यापार करने के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित व्यक्तियों, संस्थाओं और अन्य पक्षों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यह कार्रवाई राजस्थान में दवाइयों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम है। बिना लाइसेंस के दवा गोदामों का संचालन और खराब गुणवत्ता वाली दवाओं का बाजार में पहुंचना जन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। ड्रग कंट्रोल कमिश्नरेट इस तरह के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
जांच दल यह भी सुनिश्चित करेंगे कि दवा कंपनियों ने सभी जरूरी नियमों का पालन किया है या नहीं। इसमें दवाओं के निर्माण की प्रक्रिया, उनकी टेस्टिंग और उन्हें बाजार में भेजने तक की पूरी प्रक्रिया शामिल है। अगर किसी भी स्तर पर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित कंपनी और उसके अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत, दवाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना अनिवार्य है। इस एक्ट का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान है। राजस्थान ड्रग कंट्रोल कमिश्नरेट इस मामले में कोई भी कोताही नहीं बरतना चाहता।
यह मामला आम लोगों के लिए एक चेतावनी भी है कि वे किसी भी दवा को खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट और क्वालिटी की जांच जरूर कर लें। अगर उन्हें किसी भी दवा की क्वालिटी पर संदेह हो, तो वे तुरंत ड्रग कंट्रोल विभाग को सूचित कर सकते हैं। विभाग ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करने का आश्वासन देता है।
इस तरह की कार्रवाई से यह उम्मीद की जा सकती है कि भविष्य में दवा बाजार में गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित दवाएं ही उपलब्ध होंगी। यह आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।