12 सितंबर 2026 पंचांग: वामन अवतार और डोल ग्यारस का पर्व, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त

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12 2026
नई दिल्ली, 11 सितंबर: 12 सितंबर 2026, शनिवार को भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह 7:46 बजे तक रहेगी, जिसके बाद द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी। इस खास दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा और डोल ग्यारस का पर्व मनाया जाएगा, जिसमें श्रीहरि की आराधना करना बहुत फलदायी होगा। पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्योदय सुबह 6:16 बजे और सूर्यास्त शाम 6:30 बजे होगा। चंद्रोदय सुबह 7:07 बजे और चंद्रास्त शाम 7:13 बजे होगा।

यह दिन हिंदू पंचांग के अनुसार महत्वपूर्ण है, जो सूर्य, चंद्रमा और ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। पंचांग का उपयोग शुभ कार्यों, यात्राओं, निवेशों और पूजा-पाठ के लिए किया जाता है। 12 सितंबर 2026 को सूर्य पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा, जबकि चंद्रमा उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर करेगा।
शनिवार को दोपहर 03:09 बजे तक शुभ योग बना रहेगा, जिसके बाद शुक्ल योग शुरू हो जाएगा। अभिजीत मुहूर्त, जो दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है, सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक रहेगा। अमृत काल सुबह 5:49 बजे से 7:23 बजे तक रहेगा।

हालांकि, कुछ समय ऐसे भी हैं जिनसे बचना चाहिए। राहुकाल सुबह 9:19 बजे से 10:51 बजे तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 6:16 बजे से 7:48 बजे तक रहेगा। यमगंड काल दोपहर 1:54 बजे से शाम 3:26 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन अशुभ समयों में कोई भी नया काम शुरू करने से बचना चाहिए।

ज्योतिष के अनुसार, इस दिन सूर्य सिंह राशि में रहेगा और चंद्रमा कन्या राशि में रहेगा। दिशाशूल पूर्व और उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा में रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के जानकारों का कहना है कि इन दिशाओं में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना बहुत जरूरी हो, तो कुछ खास ज्योतिषीय उपाय करके ही प्रस्थान करना चाहिए।

पंचांग हिंदू काल-गणना की एक महत्वपूर्ण पद्धति है। यह हमें दिन के शुभ और अशुभ समयों के बारे में बताता है। इसी के आधार पर लोग अपने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं। 12 सितंबर 2026 का दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इस दिन वामन अवतार की पूजा और डोल ग्यारस का पर्व मनाया जाएगा।

इस दिन के शुभ मुहूर्त में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक है। यह समय किसी भी शुभ कार्य के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। अमृत काल सुबह 5:49 बजे से 7:23 बजे तक रहेगा।

अशुभ समयों में राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड काल शामिल हैं। राहुकाल सुबह 9:19 बजे से 10:51 बजे तक है। गुलिक काल सुबह 6:16 बजे से 7:48 बजे तक है। यमगंड काल दोपहर 1:54 बजे से शाम 3:26 बजे तक है। इन समयों में कोई भी नया काम शुरू करने से बचना चाहिए।

ज्योतिष के अनुसार, इस दिन सूर्य सिंह राशि में रहेगा और चंद्रमा कन्या राशि में रहेगा। दिशाशूल पूर्व और उत्तर-पूर्व दिशा में है। यदि इन दिशाओं में यात्रा करना आवश्यक हो, तो कुछ उपाय किए जा सकते हैं।

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