यमन में हूती विद्रोहियों का लाल सागर में दबदबा बढ़ा, दो अहम द्वीपों पर किया कब्जा
यमन में हूती विद्रोहियों का लाल सागर में दबदबा बढ़ा, दो अहम द्वीपों पर किया कब्जा
NewsPoint•
यमन में हूती विद्रोहियों ने दक्षिणी लाल सागर के दो और अहम द्वीपों, ग्रेटर हनीश और लेसर हनीश पर कब्ज़ा कर लिया है। यमन सरकार के मुताबिक, हूतियों ने इन द्वीपों पर अपने लड़ाकों को तैनात कर दिया है। ये द्वीप बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से करीब 160 किलोमीटर उत्तर में स्थित हैं, जो इन्हें रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बनाता है। इस कब्जे से लाल सागर के समुद्री मार्ग में हूतियों का प्रभाव और बढ़ गया है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर चिंताएं बढ़ गई हैं। इससे पहले हूतियों ने मोखा बंदरगाह शहर और मायून द्वीप पर भी कब्जा किया था, जो बाब-अल-मंदेब के पास है।
यमन सरकार से मिली जानकारी के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने ग्रेटर हनीश और लेसर हनीश द्वीपों पर अपने लड़ाकों को तैनात कर दिया है। दक्षिणी लाल सागर में स्थित ये द्वीप सैन्य और समुद्री दृष्टि से बहुत अहमियत रखते हैं। हूतियों के इस कदम से लाल सागर में उनकी गतिविधियों का दायरा बढ़ सकता है। इन द्वीपों पर नियंत्रण से समुद्री मार्गों पर उनकी निगरानी की क्षमता भी बढ़ेगी, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं और गहरी हो गई हैं।यह कोई पहली बार नहीं है जब हूतियों ने महत्वपूर्ण ठिकानों पर कब्जा किया है। पिछले हफ्ते ही हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के किनारे बसे बंदरगाह शहर मोखा और बाब-अल-मंदेब के पास स्थित मायून द्वीप पर भी अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया था। इन दोनों जगहों पर पहले सऊदी अरब के समर्थन वाली यमनी सरकारी सेना का कब्जा था। मोखा यमन का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह है, और मायून द्वीप बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के बहुत करीब है। इन रणनीतिक स्थानों पर हूतियों का कब्जा उनके प्रभाव को और मजबूत करता है।
बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। यह लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। एशिया से यूरोप तक जाने वाले ज्यादातर व्यापारिक जहाज इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। बाब-अल-मंदेब से गुजरने के बाद जहाज लाल सागर के रास्ते स्वेज नहर तक पहुंचते हैं और फिर भूमध्य सागर से होकर यूरोप की ओर बढ़ते हैं। इसलिए, इस समुद्री मार्ग में किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक शिपिंग पर पड़ता है।
हूतियों के प्रभाव वाले इलाकों के बढ़ने से लाल सागर में जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं। पहले भी हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में जहाजों को निशाना बनाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं के कारण कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने इस मार्ग से दूरी बना ली थी और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था। अब ग्रेटर हनीश, लेसर हनीश, मायून और मोखा जैसे रणनीतिक स्थानों पर हूतियों की मौजूदगी से इस क्षेत्र में शक्ति संतुलन प्रभावित होने की आशंका है। बाब-अल-मंदेब से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा और इस महत्वपूर्ण समुद्री गलियारे की स्थिरता आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है। यह स्थिति वैश्विक व्यापार के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करती है।