अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर नेताओं ने दी बधाई, जनभागीदारी पर जोर
अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर नेताओं ने दी बधाई, जनभागीदारी पर जोर
NewsPoint•
नई दिल्ली, 15 सितंबर (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा सहित कई नेताओं ने देश और प्रदेशवासियों को बधाई दी है। नेताओं ने लोकतंत्र को जनभागीदारी, समानता, स्वतंत्रता और अधिकारों का आधार बताते हुए नागरिकों से लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत उसके नागरिक हैं और जनभागीदारी से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा।
अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर देश भर के नेताओं ने अपने विचार साझा किए। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "लोकतंत्र हमारी शक्ति, पहचान और हमारे अधिकारों का आधार है। अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आइए, इस अवसर पर लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक मर्यादाओं और नागरिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लें।"राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी एक्स पर अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा, "समस्त प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! विविधता में एकता, जनभागीदारी और संवैधानिक मूल्यों के प्रति हमारी अटूट आस्था ही भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है। आइए, इस अवसर पर हम संविधान की भावना को सशक्त बनाने, नागरिक अधिकारों का सम्मान करने और लोकतांत्रिक मूल्यों को और समृद्ध करने का संकल्प लें।"
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसके 140 करोड़ देशवासी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, "हमारे लिए लोकतंत्र जन-जन की भागीदारी और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य का संस्कार है। अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर आप सभी को हार्दिक बधाई। जनविश्वास और जनभागीदारी की यह शक्ति और सशक्त हो तथा हम सब मिलकर विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करें।"
दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने लोकतंत्र की शक्ति को जनभागीदारी, समानता और स्वतंत्रता में निहित बताया। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र की शक्ति जनभागीदारी, समानता और स्वतंत्रता में निहित है। अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। आइए, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए राष्ट्र की प्रगति में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लें।"
बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भारत की वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों को स्थापित करने में अग्रणी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा, "वैश्विक एवं क्षेत्रीय स्तर पर लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना एवं सुदृढ़ीकरण में सदैव अग्रणी भूमिका निभाने वाले भारत के समस्त नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। लोकतंत्र केवल शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि जनभागीदारी, समानता, स्वतंत्रता, अधिकार और कर्तव्य के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। आइए, हम सभी लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करते हुए एक सशक्त, समावेशी एवं विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।"
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा, "आप सभी को अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! लोकतंत्र जनभागीदारी, समानता, स्वतंत्रता और अधिकारों में विश्वास की सशक्त अभिव्यक्ति है। हमारा लोकतंत्र नागरिकों की सक्रिय सहभागिता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता से निरंतर मजबूत होता है। आइए, लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की गरिमा और कर्तव्यों के प्रति सजग नागरिक भावना को मजबूत करने का संकल्प लें तथा सशक्त लोकतंत्र के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनें।"
इन सभी नेताओं के विचारों से यह स्पष्ट होता है कि लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की सक्रिय भागीदारी, उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत का लोकतंत्र दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में से एक है और इसकी असली ताकत इसके करोड़ों नागरिक हैं। जनभागीदारी और जनविश्वास को मजबूत करके ही देश को विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचाया जा सकता है। यह दिवस हमें याद दिलाता है कि हमें अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग जिम्मेदारी से करना चाहिए और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।