BJP MP गुलाम अली खटाना ने पश्चिम बंगाल मदरसों, यूसीसी, वंदे मातरम् और ब्रिक्स पर दी प्रतिक्रिया

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नई दिल्ली, 14 सितंबर। भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने पश्चिम बंगाल में गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को बंद करने, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), वंदे मातरम्, महिला एशिया कप, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और राहुल गांधी के बयानों जैसे कई अहम मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि मदरसों में लगातार सुधार हो रहे हैं और अब आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है। पश्चिम बंगाल में 252 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को बंद करने के फैसले पर खटाना ने कहा कि मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा भी मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि भाजपा की डबल इंजन सरकार में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ गणित, विज्ञान और मानविकी जैसे आधुनिक विषयों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

महिला एशिया कप में भारतीय टीम की शानदार जीत पर भाजपा सांसद ने खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े रुख की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए आतंकी हमले को दुनिया को कभी नहीं भूलना चाहिए। खटाना ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया है और यह जीत पूरे देश के लिए गर्व का पल है। भारत-अफगानिस्तान टी-20 मैच से पहले राष्ट्रीय गान के साथ वंदे मातरम् गाने के फैसले का समर्थन करते हुए खटाना ने कहा कि वंदे मातरम् देश की संस्कृति, परंपरा और स्वतंत्रता संग्राम से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि इस गीत के सम्मान में खिलाड़ियों और दर्शकों का खड़ा होना राष्ट्र के प्रति सम्मान को दर्शाता है। खटाना ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है, जबकि वंदे मातरम् का देश की आजादी की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है।
समान नागरिक संहिता पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान का समर्थन करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि देश के सभी नागरिकों के लिए एक जैसे कानून होने चाहिए। उन्होंने कहा कि समानता, एकरूपता और न्यायपूर्ण व्यवस्था किसी भी लोकतंत्र की नींव होती है। खटाना ने कहा कि जब सभी नागरिकों के अधिकार और कर्तव्य बराबर हैं, तो कानून भी सबके लिए समान होना चाहिए।

राहुल गांधी द्वारा ब्रिक्स गाला डिनर पर की गई टिप्पणी पर भाजपा सांसद ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को खाने-पीने जैसे मुद्दों के बजाय देशहित और वैश्विक मामलों पर गंभीरता से चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को रचनात्मक राजनीति करनी चाहिए और ऐसे मुद्दों पर फालतू की टिप्पणियां करने से बचना चाहिए। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता पर खटाना ने कहा कि भारत की मेजबानी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की प्रतिष्ठा और प्रभाव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सदस्य देशों और साझेदार देशों ने भारत के नेतृत्व को महत्व दिया और आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख का समर्थन भी किया। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और वैश्विक सहयोग के अपने विचार को दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से रखा।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में तकनीक के हथियारीकरण पर जताई गई चिंता का समर्थन करते हुए खटाना ने कहा कि तकनीक और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि तकनीक पर किसी एक देश या समूह का एकाधिकार नहीं होना चाहिए और इसका फायदा दुनिया के हर नागरिक तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तकनीकी संसाधनों और अवसरों में समानता सुनिश्चित करना पूरी दुनिया के हित में है।

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