एलपीयू में छात्रों के विरोध के पीछे का सच, डीन सौरभ लखनपाल का बयान
एलपीयू में छात्रों के विरोध के पीछे का सच, डीन सौरभ लखनपाल का बयान
NewsPoint•
जालंधर, 29 सितंबर। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हाल ही में छात्रों के बीच हुई बवाल और तोड़फोड़ के मामले में विश्वविद्यालय के डीन सौरभ लखनपाल ने कहा है कि यह विवाद मुख्यतः अफवाहों से उपजी नाराजगी का नतीजा था। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक संदेश से छात्रों के बीच तनाव बढ़ गया। जहां कुछ छात्र सच जानना चाहते थे, वहीं कुछ असामाजिक तत्वों ने इस स्थिति का फायदा उठाकर हिंसा को जन्म दिया। लखनपाल ने कहा कि ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
डीन ने कहा कि विश्वविद्यालय की कक्षाएं फिलहाल 10 दिनों के लिए स्थगित कर दी गई हैं और अधिकतर छात्र अपने घर लौट गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही कक्षाएं शुरू होंगी और छात्रों की पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वो यह भी कहते हैं कि विश्वविद्यालय पुलिस और सिविल प्रशासन के साथ मिलकर घटना की गंभीरता से जांच कर रहा है।लखनपाल ने यह स्पष्ट किया कि जो संदेश छात्रों के बीच वायरल हुआ, उसका स्रोत जानने के लिए तकनीकी डेटा का अध्ययन किया जा रहा है। इसमें टावर डंप और आईपी एड्रेस की जानकारी भी शामिल है। उन्होंने बताया कि जब यह संदेश फैल गया, तो छात्रों में बेचैनी बढ़ने लगी और वे अपने हॉस्टल से बाहर निकलकर चर्चा करने लगे।
डीन ने यह भी कहा कि उन्हें उस रात फोन आया और वह आधी रात को छात्रों के पास पहुंचे। बातचीत के दौरान कुछ असामाजिक तत्व वहां आ गए थे। इन लोगों ने मुंह पर मास्क पहना था और उनके पास रॉड थीं। उन्होंने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर तोड़फोड़ करने की कोशिश की और जबरन परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की।
लखनपाल ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें वापस भेजने का निर्णय लिया गया। उन्होंने पुष्टि की कि स्थिति को नियंत्रित करने में विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों ने मिलकर सिर्फ 10-15 मिनट का समय लिया। इसके बाद पूरे परिसर को कुछ ही घंटों में सुरक्षित बना लिया गया।
डीन ने बताया कि छात्रों ने जांच प्रक्रिया में शामिल होने का आग्रह किया। इसके बाद प्रशासन ने पुलिस को साथ लेकर जांच प्रक्रिया तैयार की। इसके चलते छात्रों ने अगले दिन से जांच के हर चरण में प्रशासन का सहयोग किया। उन्होंने कहा, "ऐसी परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए मानक संचालन प्रक्रिया का पालन जरूरी है।"
सौरभ लखनपाल ने अंत में कहा कि किसी भी घटना के दौरान पहला प्राथमिकता छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। उन्होंने छात्र समुदाय को आश्वासन दिया कि आगे से ऐसी स्थिति से बचने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
इस तरह, एलपीयू की यह घटना एक गंभीर स्थिति में बदल गई, लेकिन प्रशासन, पुलिस और छात्रों ने मिलकर इसे संभाल लिया। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि ऐसी समस्याओं से भविष्य में कैसे निपटा जाएगा।