मतदाताओं का विश्वास

नवभारतटाइम्स.कॉम•
questions on election commission voter trust shaken voters troubled by name deletion
देश का चुनाव आयोग सबसे निष्पक्ष संस्था माना जाता है। राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव आयोग पर उठाए जा रहे सवालों से मतदाताओं का विश्वास डगमगाने लगा है। अगर राजनीतिक दलों के आरोपों और उसके पीछे के डेटा और दस्तावेज सही हैं तो हालात गंभीर हो सकते हैं। हालिया आरोप SIR के तहत मतदाताओं के नाम काटे जाने को लेकर हैं जिन्हें लेकर वोटर भी परेशान हैं। नाम जुड़वाने के लिए उन्हें अफसरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। हालांकि आयोग ने मतदाताओं की सहूलियत के लिए कई कदम उठाए हैं लेकिन फिलवक्त उनसे राहत मिलती नहीं दिखती।

मनोज सक्सेना, लखनऊ