सपा ने रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार घोषित किया

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Navbharat Times
समाजवादी पार्टी (एसपी) ने बुधवार को रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए अपने उम्मीदवार घोषित किया। दोनों उम्मदवार आज सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल करेंगे। चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर है और मतदान 16 अक्टूबर को होगा।

राज्यसभा में 10 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। इनमें से कई मौजूदा सदस्य का कार्यकाल खत्म हो रहा है। जिन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें रामगोपाल यादव भी शामिल हैं। इसके अलावा, और भी सदस्य हैं जैसे अरुण सिंह, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, बृज लाल, राम जी गौतम, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी, दिनेश शर्मा, और हरदीप सिंह पुरी।
सपा के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद, उत्तर प्रदेश के मंत्री ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर सवाल उठाया, "क्या सपा प्रमुख 'पीडीए' नारे के आधार पर उम्मीदवारों का चयन करेंगे?" राजभर ने यह भी पूछा, "आपके 'पीडीए' वाले तीनों उम्मीदवार कौन हैं?" उन्होंने यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि अखिलेश के उम्मीदवारों में कौन-कौन से लोग शामिल हैं।

राजभर ने लिखा, "पहला तो प्रोफेसर साहब हैं। ये आपके पीडीए वाले 'परिवार' से हो गए। अब 'डी' और 'ए' से कौन होगा? डी से कोई 'दौलतमंद' होगा क्या? 'ए' से कोई 'अपराधी'?" उनके इस सवाल में एक स्पष्ट इशारा है कि इस बार उपयुक्त उम्मीदवार किन वर्गों से होंगे।

इस बार के चुनाव में प्रमुखत: 11 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव हुए हैं, जिनमें से 10 सीटें उत्तर प्रदेश की हैं और एक उत्तराखंड की है। यह चुनाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकता है।

राजभर ने यह भी सलाह दी कि "तीन के चक्कर में दूसरा मत गंवा दीजिएगा।" उनका यह बयान एक राजनीतिक रणनीति का इशारा दे रहा है, जिसमें वे दावा कर रहे हैं कि सपा को अपने चयन में ज्यादा सोचने की आवश्यकता है।

इन सभी घटनाओं का राजनीतिक प्रभाव पड़ सकता है और यह देखना दिलचस्प होगा कि सपा के उम्मीदवार जनता के बीच कितना समर्थन प्राप्त करते हैं। अब सभी की नजरें नामांकन प्रक्रिया और आगामी चुनाव पर टिकी होंगी।