अनिमेष कुजूर ने एशियन गेम्स 2026 में मिश्रित रिले में भारत को दिलाया ब्रॉन्ज मेडल

NewsPoint•
2026
भारत के अनिमेष कुजूर ने एशियन गेम्स 2026 में मिक्स्ड 4x100 मीटर रिले दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने यह मेडल देश, अपनी फेडरेशन, सपोर्ट सिस्टम और परिवार को समर्पित किया। टीम ने 41.06 सेकंड में दौड़ पूरी की। चीन ने गोल्ड मेडल 40.78 सेकंड में और थाईलैंड ने 40.87 सेकंड में सिल्वर मेडल जीता। अनिमेष ने इस पर गर्व जताया और बताया कि उनकी टीम ने इस दौड़ के लिए पिछले एक साल से तैयारी की थी।

अनिमेष और उनकी टीम के साथी गुरिंदरवीर सिंह, स्नेहा सत्यनारायण और हरिता भद्रा ने एक साथ मिलकर यह उपलब्धि हासिल की। दौड़ के बाद अनिमेष ने कहा, “आज बहुत बारिश हो रही थी। यहां रोजाना बारिश हो रही है। ट्रैक पर यह मेरी सातवीं दौड़ थी। इसलिए, मैं सोच में था कि कैसा महसूस होगा, लेकिन उस समय मुझे बहुत मजा आ रहा था, क्योंकि ट्रैक पर जाने के लिए हमारी टीम काफी प्रोत्साहित थी। मुझे समझ आ गया था कि हम मेडल जीतने वाले हैं। जब गौरी (गुरिंदरवीर सिंह) ने इतनी अच्छी शुरुआत की, तो मुझे समझ आ गया कि हम अच्छा दौड़ेंगे।”
इस सफल दौड़ के बारे में बात करते हुए उन्होंने आगे कहा, “जब हरिता ने रेस पूरी की, तो मुझे बहुत राहत मिली। आखिरकार हमने कर दिखाया। हम जिस मकसद से यहां आए थे, वह पूरा कर लिया। हमने इसके लिए पूरे साल तैयारी की थी। आज, मेडल मिलने के बाद, हम सब बहुत खुश थे। वह पल इतना शानदार था कि मैं उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता।”

अनिमेष ने इस मेडल को उन सबके नाम किया, जिन्होंने उनकी मदद की। उन्होंने कहा, “मैं यह मेडल सबसे पहले भारत को समर्पित करना चाहता हूं, क्योंकि वहां से लोग लाइव देख रहे थे और हमारी टीम का हौसला बढ़ा रहे थे। वे कह रहे थे, 'कम ऑन इंडिया, तुम्हें यह कर दिखाना है।' कल जब मैं रिले रेस में गिर गया था, तो मुझे ऐसे लोगों के भी बहुत सारे मैसेज आए जिन्हें मैं जानता भी नहीं। वे मेरा हाल-चाल पूछ रहे थे और कह रहे थे कि मुझे अच्छा दौड़ना है। हर कोई मेरा हौसला बढ़ा रहा था।”

इसके बाद, उन्होंने एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, टॉप्स, रिलायंस फाउंडेशन और प्यूमा को भी अपना कृतज्ञता ज्ञापन समर्पित किया। अनिमेष ने कहा, “मेरे परिवार को मुझ पर भरोसा था और उन्हें यकीन था कि मैं खेल में इतनी दूर तक जा सकता हूं। मैंने खेल में अभी बहुत कुछ नहीं किया है। परिवार को हमेशा लगता था कि अगर मैं पढ़ाई नहीं करूंगा, तो जिंदगी में कुछ नहीं हो पाएगा, लेकिन मैं खेल में आगे बढ़ा और आज भारत के लिए मेडल जीता है। मैं बहुत खुश हूं। मैं इस खुशी को शब्दों में बयां भी नहीं कर सकता।”

हरिता भद्रा, जिन्होंने इस एशियन गेम्स में महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में पहले ही ब्रॉन्ज़ मेडल जीत लिया था, उन्होंने बताया कि हालात भारतीय टीम के लिए कोई बड़ी समस्या नहीं थे। उन्होंने कहा, “सबसे पहले तो मैं बहुत खुश हूं कि यह मेरा पहला एशियन गेम्स है और मैं यहां आकर भारत के लिए दो मेडल जीत सकी। जहां तक हालात की बात है, मुझे लगता है कि हमारी तैयारी अच्छी थी क्योंकि हमने बारिश में भी ट्रेनिंग की थी।”

गुरिंदरवीर सिंह ने भी अपनी टीम के साथियों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, “मैं उन सभी का शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने मेरा साथ दिया। यह मेडल उन सभी की वजह से मिला है।”

अनिमेष ने भविष्य में नौकरी पाने की इच्छा भी जताई। उन्होंने कहा, “मैं ओएनजीसी, इनकम टैक्स, यूजीपी या राज्य सरकार में नौकरी पाना चाहता हूं।”

इस तरह, भारत के अनिमेष कुजूर और उनकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में ना केवल मेडल जीता बल्कि देश का नाम भी रोशन किया। उनकी मेहनत और लगन ने साबित कर दिया कि जब इरादे मजबूत हों, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। उम्मीद करते हैं कि आगे और भी सफलताएँ उनके कदम चूमेंगी।