भारतीय शेयर बाजार में हल्की गिरावट, सेंसेक्स 87.92 अंक नीचे, निफ्टी में मिडकैप की बढ़त
भारतीय शेयर बाजार में हल्की गिरावट, सेंसेक्स 87.92 अंक नीचे, निफ्टी में मिडकैप की बढ़त
NewsPoint•
भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को हल्की गिरावट के साथ शुरुआत की। सेंसेक्स में 87.92 अंक या 0.12 प्रतिशत की कमजोरी आई, जिससे यह 72,441.15 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी में 51.20 अंक या 0.23 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, और वह 22,665 पर कारोबार कर रहा था। लार्जकैप की तुलना में स्मॉलकैप और मिडकैप में अधिक खरीदारी हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 219 अंक या 0.37 प्रतिशत की तेजी देखी गई, और यह 59,585 पर था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी 99 अंक या 0.52 प्रतिशत की मजबूती आई, जो कि 19,300 पर पहुंच गया।
अन्य सूचकांकों में, निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी आईटी, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी पीएसई, निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी एफएमसीजी ने अच्छे प्रदर्शन किया। वहीं, निफ्टी मेटल, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी सर्विसेज और निफ्टी फार्मा में गिरावट देखने को मिली।सेंसेक्स में टीसीएस, इंडिगो, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, एचयूएल, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी, एमएंडएम, एसबीआई, आईटीसी और टाटा स्टील गेनर्स के रूप में उभरे। दूसरी ओर, एचडीएफसी बैंक, सन फार्मा, एनटीपीसी, टाइटन, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल और बजाज फिनसर्व लूजर्स बने।
वैश्विक बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक और ताइपे में हरे निशान में कारोबार हुआ, जबकि सोल, बैंकॉक और हांगकांग में लाल निशान था। अमेरिका के शेयर बाजार भी मंगलवार को लाल निशान में बंद हुए। डाओ जोन्स में 0.26 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.09 प्रतिशत की गिरावट आई।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, सितंबर में निफ्टी में आई 5.67 प्रतिशत की गंभीर गिरावट का प्रमुख कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और यूएस बॉन्ड यील्ड का बढ़ना है। जब एफआईआई ने बड़े पैमाने पर शेयर बेचना शुरू किया, तो यह गिरावट और तेज हो गई। पिछले चार ट्रेडिंग दिनों में एफआईआई ने 24,054 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। 10 साल के यूएस बॉन्ड यील्ड में 5.2 प्रतिशत रहना इन बिकवाली के पीछे का कारण है।
एक्सपर्ट्स ने यह भी कहा कि भारतीय निवेशकों के लिए, बाजार में आई यह तेज गिरावट एक अवसर हो सकती है। अच्छी ग्रोथ की संभावनाओं वाली लार्ज-कैप कंपनियों का वैल्यूएशन अब आकर्षक स्तर पर पहुंच गया है।