महाराष्ट्र सरकार ने सूखे से प्रभावित किसानों के लिए राहत उपायों की घोषणा की, Chief Minister फडणवीस ने दी जानकारी

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महाराष्ट्र में सूखे की समस्या से निपटने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट ने मंगलवार को महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। यह कदम उन किसानों की मदद हेतु उठाया गया है, जिन्हें असामान्य मौसम के चलते फसल नुकसान के बावजूद सूखा राहत से बाहर रखा गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे क्षेत्रों का भौतिक निरीक्षण करेगी, जहां फसलें सूख गई हैं, लेकिन मानक स्वचालित ट्रिगर्स को पूरा नहीं कर पाई हैं। इन किसानों को सूखे से संबंधित सभी लाभ विशेष रूप से दिए जाएंगे।

बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि राज्य सरकार उन हजारों किसानों को वित्तीय सहायता और प्रशासनिक राहत प्रदान करना चाहती है, जो पहले सूखा घोषणा से छूट गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि जिन जिलों को सूखे के मामले में बाहर रखा गया था, उनके अधिकारियों को वैकल्पिक मापदंड अपनाने और राहत प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य Government एक पारदर्शी सरकारी संकल्प (जीआर) जारी करेगी जिसमें जल उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।" इसका मतलब यह है कि पीने के पानी के साथ-साथ पशुधन की जल आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाएगा। इससे पहले, 2026 के खरीफ सीजन में राज्यभर के 358 तालुकों में से 265 तालुकों में आधिकारिक तौर पर सूखा घोषित किया गया था। यह घोषणा सूखा प्रबंधन संहिता 2016 के तहत ट्रिगर-1 दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन के बाद की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों के फसलों का भौतिक आकलन किया जाएगा ताकि किसी भी किसान को राहत में छूटने से रोकने के लिए कार्रवाई की जा सके। इस उप समिति की बैठक नियमित रूप से होगी और मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय जरूरतों और प्रस्तावों को समय पर प्रस्तुत करें।

फसल क्षति की स्थितियों में, कक्षा 10 (एसएससी) और कक्षा 12 (एचएससी) के छात्रों की परीक्षा शुल्क को पूरी तरह से माफ करने की घोषणा भी की गई है। यह एक प्रत्यक्ष राहत उपाय है, जो प्रभावित परिवारों को मदद करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय राज्य सरकार द्वारा राहत और पुनर्वास विभाग के माध्यम से पहले जारी किए गए एक सरकारी प्रस्ताव के बाद लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में नवगठित क्षेत्रों के लिए वित्तीय सहायता और संसाधनों के वितरण की विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद अनियमित मौसम के कारण सूखे की समस्या हुई है, जिससे फसलें बर्बाद हो गई हैं। इससे पहले, उन क्षेत्रों को शामिल नहीं किया गया था, जहां मौसम की स्थिति ने बाधित किया, लेकिन अब सरकार हर संभव मदद देने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री के इस प्रयास से प्रभावित किसान और उनके परिवार एक बार फिर से अपने पैरों पर खड़े हो सकेंगे। यह कदम ना केवल τους किसानों के लिए राहत लाएगा बल्कि उनके भविष्य के लिए भी उम्मीद की किरण बनेगा। राज्य सरकार की इस पहल ने किसानों के बीच एक नयी उम्मीद जगाई है कि वो एक कठिन समय से गुजरने के बाद फिर से अपने फसल उगाने की राह पर लौट सकेंगे।