n NBT रिपोर्ट, फरीदाबाद
आयुष्मान योजना के तहत जिले के निजी अस्पतालों को भुगतान न मिलने का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। जिले के करीब 18 प्राइवेट अस्पतालों के लगभग 35 करोड़ रुपये कई महीनों से लंबित हैं, जिसको लेकर इंडियन मेडिकल असोसिएशन (आईएम) ने कड़ा रुख अपनाया है। आईएमके पूर्व प्रेजिडेंट डॉ. सुरेश अरोड़ा का कहना है कि अस्पतालों को लंबे समय से भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। बार-बार मांग के बावजूद भुगतान नहीं होने पर अब 4 मई से आयुष्मान योजना के तहत सेवाएं बंद करने का ऐलान किया गया है। उधर, स्वास्थ्य विभाग भी इस पूरे मामले में अपनी स्तर पर रिपोर्ट तैयार कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लंबित भुगतान और अस्पतालों की दावों की स्थिति की जांच की जा रही है ताकि जल्द समाधान निकाला जा सके। आईएमए का कहना है कि 5 मई से सेवाएं बंद होती हैं, तो इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ेगा। सरकार से 4 मई तक भुगतान करने के लिए कहा गया है।
खासतौर पर गरीब और जरूरतमंद मरीज, जो आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज का लाभ उठाते हैं, उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।


