n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : व्यावसायिक शिक्षा , कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने निर्देश दिए हैं कि कौशल विकास कार्यक्रमों को समयबद्ध और परिणामपरक बनाया जाए, ताकि युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके। बुधवार को सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने विभागीय योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए कहा कि स्किल डेवलपमेंट केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर रोजगारपरक होना चाहिए।
मंत्री ने कहा कि आईटीआई और कौशल विकास योजनाओं में गुणवत्ता, आधुनिकता और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बदलाव किए जाएं। प्रशिक्षण को इंडस्ट्री-रेडी बनाया जाए ताकि युवाओं को प्रशिक्षण के तुरंत बाद रोजगार के अवसर प्राप्त हों। युवाओं को प्रेरित करने के लिए सफल पासआउट छात्रों के अनुभव साझा करवाए जाएं तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़े और वे अपने करियर के प्रति अधिक सजग बनें।
इंडस्ट्री विजिट, ऑन द जॉब ट्रेनिंग लागू करें : कपिल देव ने कौशल विकास मिशन और आईटीआई में ड्रॉपआउट पर अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसके मूल कारणों की पहचान कर प्रभावी समाधान लागू किए जाएं, जिससे अधिकाधिक युवा प्रशिक्षण पूर्ण कर सकें। छात्रों के लिए नियमित इंडस्ट्री विजिट, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) और ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (DST) को व्यापक स्तर पर लागू किया जाए, ताकि प्रशिक्षण के साथ व्यावहारिक अनुभव भी सुनिश्चित हो सके। नए आईटीआई निर्माण कार्यों को समय पर पूरा किया जाए और संचालित संस्थानों का तेजी से आधुनिकीकरण किया जाए।


