जनगणना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: गोयल

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मुख्य सचिव एसपी गोयल ने जनगणना में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। जनगणना 2027 का पहला चरण 22 मई से 20 जून तक होगा। उन्होंने स्व-गणना प्रक्रिया पर जोर दिया और इसके प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। गोआश्रय स्थलों पर भूसा, पेयजल, छाया और चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

no negligence in census will be tolerated chief secretary goyal first phase to start from may 22

n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कहा है कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनगणना-2027 का प्रथम चरण, हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेन्सस, 22 मई से 20 जून के बीच होगा। इससे पहले एनुमरेटर्स और सुपरवाइजर्स का प्रशिक्षण हर हाल में पूरा करवाया जाए। प्रशिक्षण में अनुपस्थित कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएशन का शेष कार्य अगले दो दिनों में पूरा कर लें।

मुख्य सचिव ने बुधवार को डीएम-कमिश्नर संग विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्व-गणना प्रक्रिया पर जोर देते हुए बताया कि नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से परिवार का विवरण दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करवाया जाए, जिससे समय की बचत और आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित हो सके। आउटरीच प्लान को प्रभावी ढंग से लागू करने, सोशल मीडिया पर छोटे विडियो और पिक्चर कोलाज साझा करने तथा #censusup और #census2027 हैशटैग के उपयोग के निर्देश भी दिए गए।

गोआश्रय स्थलों पर हो पर्याप्त इंतजाम : मुख्य सचिव ने गो-आश्रय स्थलों की समीक्षा करते हुए भूसा संग्रह, स्थायी भूसा बैंक की स्थापना और गोबर से खाद तैयार कर किसानों से भूसा प्राप्त करने जैसे उपायों पा जोर दिया। चरागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर हाइब्रिड नेपियर घास की बुआई, गर्मी से बचाव के लिए स्वच्छ पेयजल, छाया और चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हीटवेव राज्य आपदा के रूप में अधिसूचित है। सभी जिलाधिकारी शीघ्र ही जिला स्तर पर हीट ऐक्शन प्लान तैयार करें। गर्मी के मौसम को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर आवश्यकतानुसार प्याऊ स्थापित किए जाएं। साथ ही, हीटवेव के जोखिम और बचाव के उपायों के संबंध में विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।