1956 में 16 वर्षीय John Lennon ने अपने दोस्तों के साथ Quarrymen नाम का एक छोटा बैंड बनाया। कुछ ही समय बाद Paul McCartney इसमें शामिल हुए और अपने मित्र George Harrison को भी लाए। जॉर्ज शुरुआत में उम्र के कारण अस्वीकृत हुए, लेकिन अपनी लगन और प्रतिभा से उन्होंने खुद को साबित कर दिया और बैंड के लीड गिटारिस्ट बन गए। समय के साथ यह समूह विकसित हुआ और 1962 में The Beatles के रूप में उभरा। बड़े सपनों के साथ वे Decca Records के पास पहुंचे, लेकिन उन्हें यह कहकर ठुकरा दिया गया कि गिटार संगीत का दौर खत्म हो चुका है। उनकी रिकॉर्डिंग नहीं हो सकी। यह किसी भी युवा कलाकार के लिए बड़ा झटका था। लेकिन, उन्होंने हार नहीं मानी। धीरे-धीरे वही संगीत, जिसे कभी नकार दिया गया था, दुनिया भर में गूंजने लगा। आखिरकार The Beatles इतिहास के सबसे प्रभावशाली बैंड्स में गिने जाने लगे। यह कहानी हमें सिखाती है कि असफलता अंत नहीं , एक नई शुरुआत होती है। दूसरों की राय आपकी क्षमता तय नहीं करती। जरूरत है तो सिर्फ विश्वास, मेहनत और धैर्य की।


