CRPF अधिकारी बन सवा 8 लाख रुपये ठगे

नवभारतटाइम्स.कॉम

गाजियाबाद के साइबर ठगों ने सीआरपीएफ अधिकारी बनकर एक महिला से ठगी की। उन्होंने फर्नीचर बेचने का लालच देकर महिला से 8.17 लाख रुपये ऐंठ लिए। यह ठगी एक से चार अप्रैल के बीच हुई। महिला ने शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और ठगी गई रकम को फ्रीज कराने का प्रयास कर रही है।

woman duped of over 8 lakh rupees by imposter posing as crpf officer promised furniture sale

n NBT रिपोर्ट, गाजियाबाद

साइबर ठगों ने फेसबुक के जरिये एक महिला से संपर्क कर खुद को सीआरपीएफ अधिकारी बताया और फर्नीचर बेचने का झांसा देकर 8.17 लाख रुपये ठग लिए। शातिरों ने एक से चार अप्रैल की तक ठगी को अंजाम दिया। मामले में इंदिरापुरम के वसुंधरा निवासी सरोज सिंह के शिकायत पर 28 अप्रैल को साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज किया गया है।

शिकायत में सरोज सिंह ने बताया कि एक अप्रैल को एक परिचित के फेसबुक अकाउंट से मेसेज मिला। मेसेज भेजने वाले ने खुद को आशीष कुमार नाम का सीआरपीएफ अधिकारी बताया। उसने कहा कि उसका ट्रांसफर हो गया है, इसलिए वह अपना फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान बेच रहा है। शुरुआत में शातिर ने सामान की कीमत 95 हजार रुपये बताई और एक बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करने को कहा। उन्होंने दो बार में 95 हजार रुपये भेज दिए। फिर बातचीत के दौरान शातिर ने अलग-अलग कारणों से बार-बार रुपयों की मांग की। इस पर पीड़िता ने परिचित के खाते से 2.53 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा उनकी संस्था ज्योति एजुकेशनल सोसाइटी के खाते से 2.50 लाख रुपये भेजे गए। पति महराम सिंह के खाते से 1.23 लाख, बेटे तुषार चौधरी के खाते से साढ़े 95 हजार, और परिचित सुशील कुमार के खाते से 95 हजार रुपये शातिर के खाते में भेजे गए। इस तरह कुल मिलाकर 8.16,990 रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। सरोज सिंह का कहना है कि जब काफी समय तक सामान नहीं पहुंचा और शातिर ने संपर्क करना बंद कर दिया तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह का कहना है कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। ठगी गई रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है।