ये ठीक बात नहीं

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श्रीमान क ने एक बड़े ड्रग तस्कर की गिरफ्तारी और एक लड़की द्वारा पर्स छीनने वाले बदमाश को पकड़ने की खबर सुनाई। लेखक ने इन खबरों पर अपनी अनोखी प्रतिक्रिया दी। लेखक ने ई-रिक्शा को बढ़ावा देने की बात कही। श्रीमान क लेखक की बातों से नाराज़ हुए और मौसम को इसका कारण बताया।

this is not right drugs smuggler purse snatching girl and debate on weather

'भाई साब, कोई डोला है। बहुत बड़ा ड्रग्स तस्कर। पुलिस उसे विदेश से पकड़कर ले आई है।' श्रीमान क सुबह-सुबह पार्क में मिल गए। मिलते ही उनने चहककर खबर सुनाई। मुझे कुछ नहीं सूझा तो पूछ लिया, 'क्या इधर उम्दा क्वॉलिटी की हशीश वगैरह की तंगी हो गई है, जो डोले-शोले की जरूरत पड़ गई सप्लाई के वास्ते?' श्रीमान क एकदम से नाराज हो गए।

उनने कहा, 'आप बात समझे नहीं भाई साब। खैर, दूसरी खबर सुनिए। अपनी दिल्ली में एक स्कूटी सवार बदमाश ने एक लड़की का पर्स सरेराह छीन लिया और भाग निकला। लड़की फौरन पास के ई-रिक्शा पर सवार हुई और बदमाश को दबोच लिया। आप भी मानेंगे कि लड़की ने गजब का साहस दिखाया।' अपन कोलेस्ट्रॉल का गणित सुलझाने में जुटे थे। कुछ न सूझा तो कह दिया कि 'स्कूटी बनाने वाली कंपनी की नाक कट गई समझो। लड़की के साथ इनाम ई-रिक्शा वाले को भी मिलना चाहिए। बल्कि ई-रिक्शा बनाने वाली कंपनी को भी। बेहतर तो यह हो कि ई-रिक्शा दिन दूनी रात चौगुनी रफ्तार से बनाए जाएं। इसके लिए सब्सिडी वगैरह भी झोला भर-भर के दी जाए। हर गली, हर चौराहे पर ई-रिक्शा की भरमार हो जाए, तो ऐसे बदमाशों की नकेल कसने में मदद मिलेगी।'

श्रीमान क फिर खफा हो गए। पर पीछा छोड़ने को राजी न थे। कहने लगे, 'आपकी गलती नहीं है भाई साब। मौसम ही कुछ ऐसा हो रहा है आजकल। कॉलोनी में सभी लोगों ने एक-एक पेड़ लगा दिए। पर गर्मी ऐसी हो गई है कि दिमाग बौरा जाए।'

'आप मौसम को खराब कह रहे हैं यानी आपका कहना है कि जिस महकमे के पास मौसम का मिजाज दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी है, वह ठीक से काम नहीं कर रहा? वह जंगल काटे जाने और नदियों में गंदगी के मामले में कदम नहीं उठा रहा?' इतना सुनते ही श्रीमान क भड़क गए। उनने कहा, 'आप हर चीज का गलत मतलब निकाल रहे हैं भाई साब। ये ठीक बात नहीं है।'