Anurag.Singh2
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n टीएचए : फ्लैट नंबर 1043 में रहने वाले अहमद खान ने बताया कि बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी में थे, तभी तेजी से बढ़ते धुंए को देखा। उनके फ्लैट की ओर आग की लपटें आ रही थीं। ऐसे में तुरंत बच्चों समेत बाहर आ गए। वहीं, 1042 फ्लैट नंबर में रहने वाले पुष्पेंद्र शर्मा और संदीप पांडेय ने भी बाहर भागकर खुद को बचाया। इनका फ्लैट पूरी तरह से जलकर राख हो गया। घटना में कई फ्लैटों में रहने वाले लोगों ने जान तो बचा ली, लेकिन गृहस्थी जल गई। इसके अलावा बच्चों के स्कूल बैग और उसमें रखी किताबें और कॉपियां भी जल गईं।
छह फ्लैट के दरवाजे तोड़कर फंसे लोगों को बचाया
सीएफओ राहुल पाल ने बताया कि सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर टीम ने करीब 6 फ्लैट के दरवाजे तोड़े। 10वें तल पर 50 वर्षीय अनीता अकेले रहती हैं। उनका गेट अंदर से लॉक हो चुका था। बेड रिडन बीमारी के चलते वह चलने-फिरने में असमर्थ हैं। गेट तोड़कर उन्हें बाहर निकाला गया। 11वें फ्लोर पर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रह रहे 80 वर्षीय आयूव अपने फ्लैट पर थे। उनके परिवार में महिलाएं और बच्चे थे, जो निकलने में असमर्थ थे। उनका दरवाजा खुलवाकर सीढ़ियों की मदद से रेस्क्यू किया गया। वहीं, सुधांशु गर्ग (88), रुचि शर्मा (51), कुसुम शर्मा (68), अनूप कुमार (55), अनुराग शर्मा (53), वीना अग्रवाल (44), कमलेश अरोड़ा (49), आयुष (19) और कुसुम (88) को रेस्क्यू किया गया।
पांच साल बन रहा फ्लैट 50 मिनट में स्वाहा
गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में आग की शुरुआत नौवीं मंजिल स्थित फ्लैट से हुई। कमल पालीवाल ने यह फ्लैट कई साल पहले लिया था और 5 साल से फ्लैट में लकड़ी का काम चल रहा है। सोसायटीवासियों के अनुसार, फ्लैट को अंदर से महल का रूप दिया जा रहा था। पांच साल के दौरान किया गया लकड़ी का सारा काम महज 50 मिनट में ही जलकर राख हो गया। सीएफओ राहुल पाल ने बताया कि फ्लैट संख्या 943 में रहन वाले कमल पालीवाल के राजा मानसिंह के रिश्तेदार हैं।


