भारतीय रुपये में गुरुवार को साल 2013 के बाद सबसे बड़ी एकदिनी बढ़त (एक दिन की तेजी) देखी गई। रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा बैंकों पर लगाए गए कड़े नियमों के बाद रुपया 152 पैसे की छलांग लगाकर डॉलर के मुकाबले 93.18 पर बंद हुआ। यह पिछले 12 सालों की सबसे बड़ी एक दिन की तेजी है। आरबीआई ने 27 मार्च, 2026 को एक सर्कुलर जारी कर बैंकों के लिए भारतीय रुपये में 'नेट ओपन पोजीशन' की लिमिट 10 करोड़ डॉलर तय कर दी है, जिसे 10 अप्रैल तक लागू करना है। इसके अलावा, बुधवार को आरबीआई ने और भी कड़े नियम लागू किए। अब बैंक 'नॉन-डेलिबरेबल डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स' (NDF) की सुविधा नहीं दे सकेंगे। साथ ही, किसी भी फॉरेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट को कैंसल करने के बाद उसे दोबारा बुक करने पर भी रोक लगा दी गई है।




