बिशप ने 12 सदस्यों के पैर धोकर निभाई रस्म

नवभारतटाइम्स.कॉम

लखनऊ के गिरजाघरों में मौंडी थर्सडे का पर्व श्रद्धा से मनाया गया। इस अवसर पर बिशपों ने 12 सदस्यों के पैर धोकर प्रेम, समानता और विनम्रता का संदेश दिया। दया का घर में आर्च बिशप रामचरण शेत ने सेवा को महानता बताया। सेंट जोसेफ कैथेड्रल में बिशप जेराल्ड जॉन मैथायस ने यह रस्म निभाई।

maundy thursday bishop washes feet of 12 members takes pledge of love and equality

n NBT रिपोर्ट, लखनऊ: राजधानी के चर्चों में गुरुवार को प्रभु यीशु मसीह के ' अंतिम भोज ' की स्मृति में मौंडी थर्सडे श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस दौरान यीशु द्वारा शिष्यों के पैर धोने की रस्म निभाकर आपसी प्रेम, समानता और विनम्रता का संकल्प लिया गया। दया का घर (पिंक सिटी) में मुख्य वक्ता आर्च बिशप रामचरण शेत ने कहा कि महानता शासन में नहीं, सेवा में है। यहां बिशप मयंक डेविड, रेव. अजय कुमार, रेव. मनीष पीटर और पास्टर विनोद कुमार की मौजूदगी में 'होली कम्युनियन' हुआ। सेंट जोसेफ कैथेड्रल, हजरतगंज में बिशप जेराल्ड जॉन मैथायस ने यीशु को याद करते हुए चर्च के 12 सदस्यों के पैर धोए।

यहां भी आयोजन: असेंबली ऑफ बिलीवर्स (अलीगंज): ब्रदर रोहित के भजनों से आराधना शुरू हुई और सीनियर प्रीस्ट रेव डॉ. मोरिस कुमार ने पवित्र भोज की विधि पूरी कराई। सेंट पीटर्स (चारबाग) में फादर सतीश लाल और सीएनआई वेसलियन (लालबाग) में पास्टर हेनरी ने प्रभु के संदेशों और इस दिन के महत्व पर प्रकाश डाला।

गुड फ्राइडे आज: आज प्रभु यीशु के बलिदान को याद किया जाएगा। सेंट जोसेफ कैथेड्रल में शाम 4 बजे 'क्रूस का मार्ग' निकाला जाएगा। अन्य गिरजाघरों में भी विशेष प्रार्थना सभाएं होंगी।