NBT रिपोर्ट, मेरठ: सेंट्रल मार्केट में सेटबैक नीति को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। अब व्यापारियों के साथ-साथ आम लोग, महिलाएं और बच्चे भी सड़क पर उतर आए हैं। सेक्टर-दो में स्थानीय लोगों ने धरना शुरू कर दिया है, जो तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन में शामिल महिलाएं और बच्चियां हाथों में ‘पलायन’ लिखे पोस्टर लेकर नारेबाजी करती दिखीं। लोगों का कहना है कि उनके मकान छोटे हैं और ऐसे में सेटबैक की शर्त पूरी करना उनके लिए संभव नहीं है। अगर यह नियम लागू किया गया तो उनके घरों का बड़ा हिस्सा टूट जाएगा। धरने पर बैठे लोगों ने साफ कहा कि वे अपने घरों में सेटबैक नीति लागू नहीं होने देंगे। जरूरत पड़ी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। साथ ही प्रशासन से इस फैसले पर दोबारा विचार करने और आम लोगों के हित में समाधान निकालने की मांग की गई। दरअसल, सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीलिंग अभियान चल रहा है और 859 आवासीय भूखंडों में सेटबैक छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के विरोध में व्यापारी और स्थानीय निवासी मार्केट में टेंट लगाकर धरना दे रहे हैं। हाल ही में मेरठ बंद भी रखा गया था। लोगों का कहना है कि ज्यादातर मकान करीब 30 साल पुराने हैं। ऐसे में सेटबैक के नाम पर तोड़फोड़ करने से इमारतों की मजबूती कमजोर हो सकती है और हादसे का खतरा भी बढ़ जाएगा।




