यमुना नदी में स्टीमर पलटने से हुए हादसे में लापता एक और श्रद्धालु का शव शनिवार को यमुना नदी से निकाला गया। हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 11 हो गई है, जबकि 5 श्रद्धालु अभी भी लापता बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश में NDRF, SDRF और फ्लड पीएसी लगातार जुटी हुई है। लापरवाही बरतने के मामले में पुलिस ने नाविक और पैंटून पुल के ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दोनों को अरेस्ट कर लिया है।
बता दें कि शुक्रवार को वृंदावन में केशीघाट के नजदीक यमुना नदी में पैंटून पुल के ढोल से टकराने के बाद पंजाब के श्रद्धालुओं से भरा स्टीमर यमुना नदी में पलट गया था। स्टीमर पर कुल 34 लोग सवार थे। हादसे के बाद मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम और गोताखोरों ने 18 लोगों को बाहर निकाला जिनमें से 10 सुरक्षित हैं, जबकि 8 लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। वहीं देर शाम तक 10 लोगों के शव यमुना से निकाले गए थे। शनिवार सुबह घटनास्थल से करीब 800 मीटर की दूरी से एक और श्रद्धालु का शव निकाला गया, जिसकी पहचान मानिक टंडन के रूप में हुई। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया। 5 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है।
नाविक और पैंटून ठेकेदार अरेस्ट: पुलिस के अनुसार पंजाब से आए श्रद्धालुओं के ग्रुप में 34 लोग शामिल थे। यमुना नदी के श्रृंगारघाट से नौका विहार के लिए स्टीमर में सवार हुए और देवराहा घाट तक जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, केशीघाट के नजदीक पैंटून पुल को ठेकेदार नारायण द्वारा जेसीबी से खिंचवाया जा रहा था। बताया गया है कि श्रद्धालुओं ने यह देख स्टीमर चला रहे नाविक पप्पू उर्फ दाऊजी को कई बार चेतावनी भी दी लेकिन उसने श्रद्धालुओं की बात को अनसुना कर दिया। पैंटून पुल ठेकेदार और नाविक की लापरवाही की वजह से स्टीमर पुल से टकराकर यमुना में पलट गया और उसमें सवार 34 लोग यमुना में डूबने लगे। इस मामले में पुलिस ने पुल ठेकेदार नारायण और नाविक के खिलाफ थाना मांट में रिपोर्ट दर्ज कर दोनों को अरेस्ट कर लिया है।



