NBT रिपोर्ट, गाजियाबाद : पिछले साल से हाउस टैक्स को लेकर चल रहे घमासान के बीच नगर निगम ने हाउस टैक्स की नई दरें तय कर दी हैं। ये दरें शासन की ओर से तय कर के भेजी गई हैं। निगम का दावा है कि अप्रैल 2024 में लागू दरों के मुकाबले अब अधिकतम 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। वहीं, सभी छूट लागू होने के बाद आवासीय भवनों पर वास्तविक बढ़ोतरी सिर्फ 10 से 15 प्रतिशत के बीच ही रहेगी। हालांकि, व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन करने वालों को ऑनलाइन पेमेंट पर दो प्रतिशत की छूट दी जाएगी। बाकी किसी भी कैटिगरी में उन्हें कोई छूट नहीं मिलेगी।
मेयर सुनीता दयाल, विधायक अजीत पाल त्यागी और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक 2024 से पहले की दरों के आधार पर टैक्स तय किया गया है और छूट देने के बाद ही अंतिम टैक्स लागू होगा। नगर निगम ने पुराने भवनों पर राहत जारी रखी है। 10 साल तक पुराने भवनों पर एआरवी में 25 प्रतिशत, 10 से 20 साल तक 32.5 प्रतिशत और 20 साल से अधिक पुराने भवनों पर 40 प्रतिशत तक छूट मिलेगी। इसके अलावा ऑनलाइन भुगतान करने पर 2 प्रतिशत और अलग अलग कूड़ा देने पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त छूट दी जाएगी। बकायेदारों को भी तीन महीने तक 12 प्रतिशत ब्याज से राहत दी गई है।
बढ़ी दरों पर जमा टैक्स का तीन वर्ष में होगा समायोजन: बता दें कि 1 अप्रैल 2025 से नई दर से वसूली शुरू हुई। लोगों ने आरोप लगाया कि 2024 के मुकाबले यह 300 प्रतिशत तक ज्यादा था। इस पर काफी बवाल मचा। अब नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने पहले बढ़ी हुई दरों पर हाउस टैक्स जमा किया है उनकी जमा की गई अतिरिक्त राशि का समायोजन किया जाएगा।




