ग्रीन कॉरिडोर बनाकर रोहतक PGI से फिर दिल्ली भेजे गए लीवर और किडनी

नवभारतटाइम्स.कॉम

रोहतक पीजीआई से एक बार फिर दिल्ली के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। ब्रेन डेड घोषित जेल वार्डन कुलदीप सिंह के लीवर, किडनी, कॉर्निया और पैंक्रियाज को 50 मिनट में दिल्ली पहुंचाया गया। इस दौरान तेज रफ्तार से एंबुलेंस दौड़ी और 100 पुलिसकर्मी तैनात रहे। इससे पहले भी ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था।

green corridor from rohtak pgi to delhi successful transplant of liver kidney from brain dead patient

NBT न्यूज, रोहतक

पीजीआईएमएस रोहतक में ब्रेन डेड घोषित मरीज के ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए सोमवार को एक बार फिर दिल्ली तक ग्रीन कोरिडोर बनाया गया। ग्रीन कॉरिडोर से 50 मिनट में रोहतक में ब्रेन डेड जेल वार्डन के लीवर, किडनी, कॉर्निया और पैंक्रियाज दिल्ली के अस्पतालों में पहुंचाए गए। ऐंबुलेंस 100-120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी। रोड क्लियर रखने के लिए 100 पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाई गई थी। इससे पहले 9 अप्रैल को भी ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए दिल्ली और गुरुग्राम तक ग्रीन कोरिडोर बनाया गया था। ब्रेन डेड घोषित मरीज का हार्ट और लीवर दिल्ली और दोनों लंग्स गुरूग्राम भेजे गए थे।

रोहतक पीजीआई में पहुंचीं प्रमिला ने बताया कि उनके पति कुलदीप सिंह जेल वार्डन के रूप में सुनारिया जेल में पिछले 5 साल से कार्यरत थे। 11 महीने पहले उनकी आंख के पास परेशानी हुई तो डॉक्टर को दिखाया था। डॉक्टर ने उन्हें ब्रेन ट्यूमर बताया। दिल्ली के प्राइवेट हॉस्पिटल में उनकी सर्जरी करवाई थी। पिछले सोमवार को कुलदीप को लेकर वह पीजीआई पहुंचे थे, जहां रविवार को उनकी मौत हो गई।

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