nNBT न्यूज, लखनऊ: मरीजों का बेहतर इलाज करने के लिए रिसर्च बेहद जरूरी है। रेजिडेंट डॉक्टर , शोधार्थी और युवा शिक्षक ही रिसर्च की असली ताकत हैं इसलिए उन्हें आगे आकर काम करना चाहिए। साथ ही डॉक्टरों को अपने समय का कुछ हिस्सा रिसर्च के लिए जरूर देना चाहिए। ये बातें एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो.आरके धीमन ने कही। वह मंगलवार को हुई कार्यशाला में अपनी बात रख रहे थे। इस दौरान डॉक्टरों और शोधार्थियों ने हिस्सा लिया।
प्रो. धीमन ने सलाह दी कि युवा लोग छोटे स्तर से रिसर्च शुरू करें और धीरे-धीरे बड़े प्रॉजेक्ट की ओर बढ़ें। सीनियर डॉक्टरों को ज्यादा से ज्यादा पीएचडी छात्रों का मार्गदर्शन करना चाहिए। साथ ही, क्लिनिकल फैकल्टी को अपने समय का कम से कम 20% रिसर्च को देना चाहिए। प्रफेसर शालीन कुमार ने कहा कि रिसर्च का सीधा फायदा मरीजों के इलाज में दिखना चाहिए।




