संभल के गांव बिछौली में गुरुवार सुबह प्रशासन ने एक इमामबाड़ा और ईदगाह के सरकारी भूमि पर बने होने का दावा करते हुए बुलडोजर से गिरा दिया। एसडीएम का कहना है कि यह निर्माण चारागाह और खाद के गड्ढे की जमीन पर किया गया था। तहसीलदार न्यायालय ने जनवरी महीने में बेदखली का आदेश दिया था। प्रशासन के मुताबिक करीब 7 बीघा जमीन पर कब्जा कर निर्माण किया गया था। गांव वालों की शिकायत के बाद लेखपाल स्पर्श गुप्ता ने 18 जनवरी को तहसीलदार कोर्ट में अपील दायर की थी। 31 जनवरी को कोर्ट के आदेश पर कब्जेदारी साबित करने के लिए सार्वजनिक सूचना जारी की गई, लेकिन कोई भी व्यक्ति मालिकाना हक साबित नहीं कर पाया। जिसके बाद कोर्ट ने इमामबाड़े और ईदगाह को सरकारी जमीन पर अतिक्रमण मानकर हटाने के आदेश दिए थे। इसी क्रम में गुरुवार सुबह एसडीएम निधि पटेल और नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल की टीम मौके पर पहुंची। तब लोग खुद ही निर्माण तोड़ रहे थे लेकिन प्रशासन ने उन्हें हटाकर चार बुलडोजर से अवैध निर्मण को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान से इमामबाड़े की तोड़फोड़ करते समय दीवार अचानक जेसीबी के ऊपर गिर गई। जेसीबी का शीशा टूट गया। मशीन को भी नुकसान हुआ। जेसीबी ऑपरेटर सौरभ सिरसवाल के दाहिने हाथ में चोट आई। दोपहर में संभल के डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई भी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की रिपोर्ट ली। ग्रामीणों का कहना था कि एक वर्ग विशेष के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है।



