मास्टरमाइंड की 4 पत्नियां, गिरफ्तारी के वक्त पहना था आधा किलो गोल्ड
NBT रिपोर्ट, गुड़गांव
वह चौथी फेल है, लेकिन ठगी की दुनिया का ऐसा मास्टरमाइंड कि बड़े-बड़े पढ़े-लिखे और रईस उसके बिछाए जाल में फंस जाते हैं। गुजराती प्रभु भाई गैंग का मास्टरमाइंड सोलंकी प्रभुभाई गुलशनभाई उर्फ कल्पेश उर्फ रवि की गिरफ्तारी ने एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। गैंग के बदमाश बड़े शहरों की सड़कों पर फटे-पुराने कपड़ों में मजदूर बनकर घूमते हैं। राहगीरों को रोककर मासूमियत से कहते हैं-साहब, खुदाई में सोने-चांदी के सिक्के मिले हैं, हम गरीब हैं, पुलिस के डर से बेच नहीं पा रहे। आप चेक कर लो और सस्ते में ले लो। शुरुआत में आरोपी 5-6 असली सिक्के देते हैं। शिकार उसे जूलर्स से चेक कराता है और वह शुद्ध निकलते हैं, तो लालच जाग जाता है। जैसे ही 25-30 लाख रुपये प्रति किलो का सौदा तय होता है, गिरोह असली सोने की जगह सोने का पानी चढ़ा तांबा थमाकर रफूचक्कर हो जाता है। पुलिस की मानें तो गैंग ने 15 साल पहले अभिनेता आदित्य पंचोली से 25 लाख रुपये ठगे। सलमान खान के पिता सलीम खान के पीए को भी 20 लाख रुपये का चूना लगाया।
होटल खरीदा, फिल्म भी बनाई
बताया जा रहा है कि ठगी से कमाए करोड़ों रुपयों को प्रभु भाई ने सफेद करने के लिए कई रास्ते चुने। दिल्ली-बॉम्बे रोड पर आरोपी का आलीशान होटल है। उसने "लव यू" नाम की गुजराती फिल्म भी बनाई है। गिरफ्तारी के वक्त मास्टरमाइंड ने करीब आधा किलो सोना पहन रखा था। उसके पास लग्जरी गाड़ियों का काफिला है। आरोपी की चार पत्नियां हैं, जिसमें तीन गुजरात में और एक दिल्ली में रहती है। वह सभी को हर महीने खर्च भेजता था।
राजनीति में वर्चस्व जमाने की थी तैयारी
प्रभु भाई सिर्फ दौलत तक सीमित नहीं रहना चाहता था। वह अपनी पत्नी पार्वती सोलंकी को गुजरात नगर पालिका पार्षद चुनाव में खड़ा करके सत्ता की सीढ़ी चढ़ना चाहता था। पुलिस ने उसे उसी वक्त दबोचा, जब वह पत्नी का नामांकन कराने की तैयारी में जुटा था। इस गैंग का नेटवर्क कई राज्यों में फैला है। गैंग के सदस्यों ने राजस्थान में भी लाखों रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। गिरोह की दाे सदस्य शांति बेन और तेजु राठोर की तलाश पुलिस को है। दोनों महिलाएं फिलहाल राजस्थान की कोटा जेल में बंद हैं, जिनकी गिरफ्तारी अब इस मामले में की जानी है।
इनकम टैक्स को लिखेंगे पत्र
डीसीपी क्राइम हितेश यादव ने बताया कि आरोपी से जो कैश व जूलरी रिकवर की गई है, वह उसका कोई डॉक्युमेंट पुलिस को नहीं दे सका है। मामले में आईटी को भी जांच करने के लिए लेटर लिखा जाएगा। बताया जा रहा है कि पुलिस ने नकली सिक्के बनाने वाले की भी पहचान कर ली है। दिल्ली के सुल्तानपुरी का रहने वाले एक शख्स ने मास्टरमाइंड को नकली सिक्के उपलब्ध कराए थे।



