कुछ असली गोल्ड कॉइन देकर कहा-खुदाई में मिला है खरा सोना
13 फरवरी को सुशांतलोक में रहने वाले बिजनेसमैन की मुलाकात एक शख्स से हुई
08 से 10 करोड़ का सोना ढाई करोड़ में बेचने का झांसा दिया उस शख्स ने
13 लाख रुपये और कुछ सिक्के भरोसा जीतने के लिए पीड़ित के पास रखे आराेपी ने
02 मार्च को आरोपी 2.49 करोड़ रुपये नकद व 50 तोला सोना लेकर हो गया फरार
NBT रिपोर्ट, गुड़गांव
हर चमकने वाली चीज सोना नहीं होती, यह बात जितनी जल्दी समझ आ जाए, उतना ठीक है। गुजरात का एक गैंग नकली सोने के सिक्के बेचकर न जाने कितने लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठ चुका था। इस बार निशाना गुड़गांव के कारोबारी बने। उनसे ढाई करोड़ रुपये नकद के अलावा 50 तोला सोना भी ठग लिया गया। मामला क्राइम ब्रांच सेक्टर-43 के पास पहुंचा तो गिरोह के मास्टरमाइंड सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों से दो करोड़ 30 लाख 5 हजार 700 रुपये नकद और 678 ग्राम सोना बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार, सुशांतलोक में रहने वाले बिजनेसमैन विवेक की मुलाकात 13 फरवरी को एक शख्स से हुई थी। उस वक्त बिजनेसमैन पचगांव चौक के पास अपनी ऑडी गाड़ी का टायर बदल रहे थे, तभी उस शख्स ने उन्हें कुछ सिक्के दिखाकर कहा कि वह जेसीबी से खुदाई का काम करता है। रेलवे लाइन के पास खुदाई करते समय कहीं से सोने के सिक्के मिले हैं। पकड़े जाने और सही दाम नहीं मिलने के चलते सिक्के किसी सुनार को नहीं बेच सकता है। उस युवक ने कुछ सिक्के दिए, जो जूलर से चेक करवाने पर सोने व चांदी के मिले। इसके बाद उस युवक ने फिर से विवेक को सिक्के दिए, वह भी असली थे। ऐसे में बिजनेसमैन को उस पर भरोसा हो गया। ठग ने वादा किया कि वह आठ से 10 करोड़ कीमत का सोना ढाई करोड़ में बेच देगा। इसके बाद उसने अधिक मात्रा में सोने के सिक्के बेचने का झांसा देकर दो मार्च को को विवेक के घर सुशांतलोक से 2.49 करोड़ रुपये नकद व करीब 50 तोला सोना ले लिया। बाद में सिक्के चेक कराए गए तो वह पीतल के मिले। विवेक ने अपने जानकारों से ब्याज पर लेकर रुपये आरोपी को दिए थे, जिसके बाद एक अप्रैल को सुशांतलोक थाने में केस दर्ज किया गया।
25 साल से ठगी कर रहा गुजराती गैंग
डीसीपी क्राइम हितेश यादव निर्देशन में मामले की जांच शुरू हुई। क्राइम ब्रांच इंचार्ज इंस्पेक्टर नरेंद्र शर्मा की अगुवाई में पुलिस टीम ने गिरोह का पता लगाया। सीसीटीवी फुटेज व तकनीकी सहायता से पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी। पुलिस टीम ने रविवार को गिरोह के मास्टमाइंड और बिजनैसमैन से ठगी करने वाले मुख्य आरोपी सोलंकी प्रभुभाई गुलशनभाई उर्फ कल्पेश उर्फ रवि निवासी वड़ोदरा गुजरात व पंकज शर्मा निवासी निहाल विहार नांगलोई, दिल्ली को रविवार में गिरफ्तार किया। बुधवार को मनीष कमलेश शाह निवासी करेली बाग, वडोदरा गुजरात व ईश्वर मारवाड़ी निवासी रामदेव नगर खोडिया नगर, वडोदरा गुजरात को गिरफ्तार किया। डीसीपी क्राइम ने बताया कि आरोपी सोलंकी प्रभुभाई गुलशनभाई 25 साल से ठगी करता आ रहा है, जिसमें ज्यादातर वारदात मुंबई व गुजरात की हैं। इसके खिलाफ धोखाधड़ी के तहत दो केस महाराष्ट्र और धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत सात मामले गुजरात में दर्ज है। इस मामले में सिक्के तैयार करने वाले सहित अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
घर गिरवी रखकर जुटाए थे पैसे
आरोपी ने खुद को जेसीबी ऑपरेटर बताया था और जल्दबाजी का नाटक किया। पीड़ित विवेक झांसे में आ गए और उन्होंने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर घर गिरवी रखकर और ब्याज पर पैसे जुटाए। आरोपी पीड़ित के घर पहुंचा और वहां से 2.49 करोड़ रुपये नकद और उनकी मां का 50 तोला सोना लेकर फरार हो गया। बदले में जो 5 किलो सिक्के दिए गए, वह जांच के दौरान पीतल के पाए गए। आरोपी और पीड़ित के बीच कई बार फोन पर भी बात हुई। आरोपी ने पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए उसे कुछ सिक्के टेस्ट कराने को दिए। विवेक ने एमजी रोड स्थित नामी शोरूम में इन सिक्कों की जांच कराई तो वह सोने के निकले। इसके बाद ठग ने बताया कि उसके पास ऐसे 10-11 किलो सिक्के हैं और वह इन्हें एक करोड़ रुपये प्रति किलो पर बेचना चाहता है। भरोसा मजबूत करने के लिए आरोपी ने करीब 13 लाख रुपये का सोना पीड़ित के पास सिक्यॉरिटी के तौर पर छोड़ दिया था।



